ऐसे यूनिटों की होगी पहचान, जहां आवंटित जमीन का नहीं हो रहा उपयोग अथवा यूनिट हो चुकी बंद -कलेक्टर

ऐसे यूनिटों की होगी पहचान, जहां आवंटित जमीन का नहीं हो रहा उपयोग अथवा यूनिट हो चुकी बंद -कलेक्टर

दुर्ग, 15 अक्टूबर। दुर्ग जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने औद्योगिक यूनिटों को जमीन आवंटित की गई थीं। इनमें से कुछ में यूनिट बंद हो चुकी है तथा कुछ ऐसी यूनिट हैं जिनमें आवंटित जमीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इनका चिन्हांकन किया जाएगा ताकि इनका उचित उपयोग किया जा सके। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में आज उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जिले में आठ इंडस्ट्रियल एरिया कार्यरत हैं। यहां उद्योगों को लीज पर जमीन आवंटित की गई है। हो सकता है कि इनमें से कुछ यूनिट अभी बंद हों, कुछ ने आवंटित जमीन का उपयोग ही नहीं किया हो। ऐसी जमीनों की अतिशीघ्र पहचान करें ताकि इनके संबंध में शासन के गाइडलाइन के मुताबिक निर्णय लिया जा सके। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए आवश्यक है कि औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित भूमि का उचित उपयोग हो। जहां पर आवंटित जमीनों का उपयोग नहीं किया जा रहा अथवा यूनिट बंद हो गई है। वहां अन्य उद्यमियों को अवसर दिये जा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह कार्य शीघ्र पूरा कर लें तथा इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दें। उन्होंने सीएसआईडीसी के अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश दिये। कलेक्टर ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को कहा कि शासन के निर्देश हैं कि एस आफ डूइंग बिजनेस की नीति के अंतर्गत उद्यमियों को बढ़ावा दिया जाए। उन्हें हर संभव प्रोत्साहन दिया जाए। इसके साथ यह भी ध्यान रखना है कि औद्योगिक समूह शासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें। वे सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित कराएं। साफसफाई और प्रदूषण के संबंध में भी जारी गाइडलाइन का पालन कराएं। 

कलेक्टर ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में साफसफाई पर विशेष नजर रखें। यहां ड्रेनेज सिस्टम, नियमित सफाई व्यवस्था आदि पुख्ता हो। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण भी करेंगे और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की मानिटरिंग करेंगे। बैठक में उद्योग विभाग और सीएसआईडीसी के अधिकारियों के साथ निगम के अधिकारी भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया में जिन एजेंसी की भी रखरखाव एवं साफसफाई की जिम्मेदारी है वे मुकम्मल रूप से ऐसा करते रहें। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट की नियमित मानिटरिंग भी बेहद जरूरी है। उन्होंने औद्योगिक सुरक्षा अधिकारी एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों से भी नियमित निरीक्षण  के संबंध में जानकारी ली। बैठक में भिलाई निगम कमिश्नर ऋतुराज रघुवंशी, रिसाली कमिश्नर एवं अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, दुर्ग कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन सहित उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।