breaking news New

छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना में समग्र हितों की अनदेखी, दुत्कार योजना कहना अधिक उपयुक्त - टेसूलाल धुरंधर

छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना में समग्र हितों की अनदेखी, दुत्कार योजना कहना अधिक उपयुक्त - टेसूलाल धुरंधर


बलौदाबाजार, 6 जून। प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य शिक्षा प्रकोष्ठ एवं विधायक प्रत्याशी रहे टेसूलाल ने कहा कि कोरोना काल के चलते काल कवलित हो चुके माता -पिता के  अनाथ व बेसहारा बच्चों को सहारा व संबल देने छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना लांच किए जाने से सभी वर्ग के लोगों ने  राहत महसूस करते हुए स्वागत किया था मगर सामान्य प्रशासन द्वारा तत्संबंधी जारी आदेश को देख सब हतप्रभ व निराश हैं . उन्होंने सरकार की  लापरवाही पर तंज कसते हुए कहा कि आदेश निकालने के पूर्व अनाथ व बेसहारा बच्चों को लाभान्वित करने सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार ही नहीं किया गया और आंख मूंदकर रस्म अदायगी करते हुए आदेश निकाल दिया गया है।

सबसे बड़ी विसंगति इस आदेश में यह है कि  0 से 6 वर्ष तक के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को इस योजना में शामिल ही नहीं किया गया है. इस प्रकार यह योजना  किसी ' दुत्कार 'से कम नहीं जबकि सबसे ज्यादा दुलार व संरक्षण की जरूरत इन्हीं आयु वर्ग के बच्चों को होती है . आदेश में कक्षा एक से आठ तक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 500 व नवमी से बारहवीं कक्षा तक अध्ययन करने वाले बच्चों को 1000 रुपए मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान रखा गया है जो कि अन्य राज्यों की तुलना में अत्यंत अल्प है. अन्य राज्यों में सभी पहलुओं पर बारीकी से ध्यान देते हुए योजना बनाई गई है, यथा मध्यप्रदेश में 5000 रूपये मासिक .उत्तरप्रदेश में 4000 रूपये मासिक . त्रिपुरा में 3500 रूपये मासिक . हरियाणा में 2500 रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान रखा गया है . इसके अलावा  भी उक्त राज्यों में   बच्चों के भोजन व आवास की व्यवस्था का ध्यान रखते हुए  पढ़ाई-लिखाई पूरी होने के बाद घर बसाने तक की मदद का प्रावधान रखा गया है. इसी प्रकार केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकारों की ओर से दी जा रही सुविधाओं के अतिरिक्त अनाथ बच्चों को ' पीएम केयर्स फंड 'से मुफ्त शिक्षा . मुफ्त स्वास्थ्य बीमा . मासिक भत्ता  और  23 वर्ष की उम्र होने पर दस लाख रुपए देने का प्रावधान रखा गया है . उन्होंने  छत्तीसगढ़ सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार अपनी  तथाकथित  महतारी दुलार योजना में संशोधन कर संवेदना के साथ उदारता का परिचय देते हुए विसंगतियों को दूर कर पुनः आदेश करने का प्रावधान करें ताकि सभी पात्र हितग्राही लाभान्वित हो सके और सही मायने में अनाथ व बेसहारा बच्चों को सहारा मिल सके।