जरूरतमंदों को डायरेक्ट राशन नहीं बांट पाना गरीबों के साथ अन्याय: गुप्ता

 जरूरतमंदों को डायरेक्ट राशन नहीं बांट पाना गरीबों के साथ अन्याय:  गुप्ता


भिलाई। भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष शारदा गुप्ता ने कहा कि शासन द्वारा यह आदेश जारी करना कि जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री वितरित नोडल अधिकारी द्वारा किया जाना गरीबों के साथ नाइंसाफी है कई गरीब परिवार इतने पीडि़त हैं कि उनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है पैसे भी नहीं है विपरीत परिस्थितियों में दो टाइम का भोजन भी नहीं मिल पा रहा है लॉक डाउन होने से प्रदेश के कई मजदूर भिलाई में फंसे हुए हैं कई लोगों के पास आधार कार्ड है कईयों के पास आधार कार्ड नहीं हैं वे जाएं तो जाएं कहां कई संगठनों द्वारा नगर निगम के कर्मचारियों तथा पुलिसकर्मियों को भी भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था जिनसे उन्हें सुविधा उपलब्ध हो रही थी इसमें कई ऐसे स्वयंसेवी एवं दानदाताओं जो बिना अपना नाम दिए गरीबों को राशन उपलब्ध करा रहे थे एवं भोजन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी इस पर पाबंदी लगाए जाना सरासर अन्याय है।
निगम के नोडल अधिकारियों से संपर्क करना सभी सामाजिक संगठनों के लिए कठिन है यह अति आवश्यक है कि सोशल डिस्टेंस का निश्चित रूप से पालन किया जाना चाहिए और इसमें सख्ती भी आवश्यक है। दानदाताओं द्वारा हितग्राही की फोटो भी नहीं दिए जाने चाहिए यह भी वाजिब है मगर जो लोग इन नियमों को पालन कर गरीबों तक पहुंच रहे थे वे सभी दुखी हैं। मैंने शासन का कई बार अवगत करवाया कि स्टेशन मरोदा में शंकर नगर मे कई लोगों के राशन कार्ड नहीं है निगम के अधिकारी नहीं पहुंच पा रहे हैं निगम के अधिकारियों को उचित समय पर फोन ना उठाया जाना भी उनकी व्यस्तता सिद्ध करता है। आखिर प्रशासन किस किस तक पहुंचेगा।
खुर्सीपार दुर्गा मंदिर वार्ड में भी श्रमिकों का राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है छावनी नेवई में भी स्थिति अनुकूल नहीं है जो कार्य जिम्मेदार स्वयंसेवी संगठन कुशलता पूर्वक कर सकते हैं उन्हें रोका जाना उचित नहीं है सामाजिक संगठनों की सक्रियता के कारण श्रमिकों तक राशन एवं खाद्य पदार्थ आसानी से पहुंच जा रहा था जिसके कारण स्थिति नियंत्रण में थी एवं अब स्थिति में अव्यवस्था उत्पन्न होगी। आखिर शासन कितने लोगों तक पहुंचेगा इसके साथ ही चेंबर ऑफ कॉमर्स व्यापारी बंधु की भी भूमिका उल्लेखनीय थी। शारदा गुप्ता ने मांग की कि स्वयंसेवी संगठन पद पर पाबंदी शीघ्र हटाया जाए मांग करने वाले में  प्रभुनाथ मिश्रा संजय खन्ना प्रदीप खंडेलवाल शारदा गुप्ता हरिशंकर चतुर्वेदी गोकुलेश तिवारी अजय जैन श्रीनिवास मिश्रा निशु पांडे राजेश सिंग शिवशंकर यादव आई पी मिश्रा अनिमा सिंह अंजली दुबे मृगेंद्र कुमार संतोष सिंह नितेश मिश्रा बृजेंद्र सिंह राजेश चौहान संतोष पारसकर प्रशांत क्षीरसागर राजेन्द्र सिंह संजय दुबे विनोद उपाध्यायअनु साहु हेमंत राव अनिल गजभिए अनिल उईकेसीपी सिंह सुंदर लाल पटेल दिनेश गौतम राकेश साहू अनीश कुमार उमेश तिवारी शिवनाथ साव़ अर्जुन साहु  हरीशचंद्र भारती डॉ. अजिंता चौहान राजकुमार शर्मा विजय सिंह  टिंकू रमेश देशमुख  के शिवलिंगम महेश कुमार संजु ठाकुर मथाई बर्गीस निराकर निहाल राजेश चौधरी योगेश सोना धमेन्द्र सिंहएअजय प्रसाद त्रिलोक जंघेल तानाजी शाह अशोक गुप्ता सुशील प्रसाद रोहित सिंह भास्करराव गिरीश  हर्ष कुमार राय एनवेंद्र राजपूतए रजनीकांत पाण्डे  हरविंदर कौर संतोष जायसवाल संजय साहूएहीरालाल यादव रतन सिंह वाई रवि दयानंद खूबचंद साहु शोभुसाहू संजय साहु उमाशंकर साव नागेन्द्र मिश्रा योगेश यदु  रेखाबम्हे गया जंघेल सहित प्रमुख कार्यकर्ता हैं।