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बस्तर के युवाओं को एनएमडीसी बचेली बना रहा आत्मनिर्भर

  बस्तर के युवाओं को एनएमडीसी बचेली बना रहा आत्मनिर्भर

 एनएमडीसी ने की सीयूटीएम के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु अनुबंध

सर्टिफिकेशन कोर्स के लिए दंतेवाड़ा  अभ्यर्थियों की योग्यता के अनुसार  सीयूटीएम, भुवनेश्वर भेजा जाएगा

 बचेली -  एनएमडीसी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से बस्तर क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए सेंचुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (सीयूटीएम), ओडिशा के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते का उद्देश्य बस्तर संभाग के सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित  बीपीएल ट्राइबल  श्रेणि  के 30 युवाओं को  छ:  महीने की अवधि के लिए और 30 युवाओं को एक वर्ष की अवधि के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस समझौते के तहत दंतेवाड़ा  जिले  के युवाओं   को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जाएगी ।  

इस सर्टिफिकेशन कोर्स के  लिए दंतेवाड़ा के विभिन्न गांवों के अभ्यर्थियों की योग्यता के अनुसार कुल 60 अभ्यर्थियों को सीयूटीएम, भुवनेश्वर भेजा जाएगा। सीयूटीएम पाठ्यक्रमों के पूरा होने के बाद, सीयूटीएम मेडिकल लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफी तकनीशियन, आपातकालीन तकनीशियन, आपातकालीन  चिकित्सक स्वास्थ देखभाल  आदि क्षेत्रों  में न्यूनतम 70% प्रशिक्षुओं का प्लेसमेंट  सुनिश्चित करेगा। प्रशिक्षण के उपरांत प्रशक्षित  युवक, युवतियाँ  अगर चाहें  तो अपने स्तर से  भी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

इस योजना  के तहत सीयूटीएम 6 महीने और 12 महीने की अवधि के कौशल विकास के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षुओं को चिन्हित कर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करेगा।  

एनएमडीसी परियोजनाओं के आस-पास के गावों के आदिवासी  उम्मीदवारों को वरीयता देते हुए एक मापदंड  निर्धारित करके 'मिट्टी के पुत्र' अवधारणा के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए बीपीएल श्रेणी के उम्मीदवारों  को  प्रथम वरीयता  देगी ।

इस व्यावसायिक शिक्षा में मूल रूप से व्यावहारिक पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिसके माध्यम से प्रशिक्षा  भविष्य में  अपने  कैरियर  से सीधे जुड़े हुए कौशल और अनुभव प्राप्त कर सकेंगे  । यह योजना छात्रों को अपने क्षेत्र में अधिक कुशल बनने में मदद करेगी और बदले में बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करेगी । यह प्रशिक्षण युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जो की निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार के विभिन्न रास्ते खोलकर इस क्षेत्र में रोजगार परिदृश्य को बदलने में मदद करेगा।