राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा कलेक्टर को लिखा पत्र....

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा कलेक्टर को लिखा पत्र....

रायपुर, 06 अप्रैल | जैसा कि सर्वविदित है वर्तमान समय में समूचे विश्व के साथ ही हमारे देश और प्रदेश सहित कोरबा जिला प्रशासन और पुलिस बल कोरोना जैसी संक्रामक महामारी कोविड-19 की रोकथाम और उससे बचाव के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस संदर्भ में हम सबके लिए यह प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के मुखिया माननीय भूपेश बघेल जी के कुशल मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ में इस महामारी से बचाव और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही जिला प्रशासन स्तर पर पूरी मुस्तैदी से एकजुटता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसका सद्परिणाम है कि अन्य राज्यों की तुलना में हमारे प्रदेश की स्थिति पूरी तरह से काबू में है। फिर भी हमें और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है और हर स्तर पर किसी भी संभावित चूक से बचना है।मैं चाहता हूं कि हमें हर संभव एहतियाती उपाय करने चाहिए ताकि इस संक्रमण को नियंत्रित करने की दिशा में कोरबा जिला की वर्तमान स्थिति को और बेहतर किया जा सके।

इस संबंध में कोरबा अंचल स्थित समस्त औद्योगिक प्रतिष्ठानों यथा-एस-ई-सी-एल बालको] सी-एस-ई-बी-] एन-टी-पी-सी-] आई-ओ-सी-एल-] ए-सी-बी-एल- आदि की सहायता से उनकी काॅलोनियों एवं काॅलोनियों और प्रतिष्ठानों के निकट स्थित बस्तियों] कोरबा जिला और आस-पास स्थित आबादी वाले क्षेत्रों में जीवाणु नाशक दवाईयों के छिड़काव का अभियान व्यापक पैमाने पर चलाया जाए। इस कार्य के लिए उनके यहां उपलब्ध अग्निशामक वाहनों और पानी के टैंकरों में आवश्यक उपकरण लगाकर दवा छिड़काव का कार्य कर सकते हैं। कोरबा नगरपालिक निगम क्षेत्र अन्तर्गत समस्त वार्डों में छिड़काव की कार्यवाई वार्ड पार्षदों की उपस्थिति में करवाई जाए। ऐसी उम्मीद है कि इस व्यवस्था को अमल में लाने से समूचा कोरबा क्षेत्र संक्रमण मुक्त हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरबा चूंकि औद्योगिक क्षेत्र है और अपेक्षाकृत प्रदूषण की सघनता इस क्षेत्र में अधिक है फलस्वरूप आम नागरिकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो गई है जिसकी वजह से संक्रमण फैलने का खतरा भी इस अंचल में सबसे अधिक है। ऐसी स्थिति में जीवाणु नाशक औषधि का छिड़काव प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना आवश्यक हो जाता है।