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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की देन रही छत्तीसगढ़ राज्य

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की देन रही छत्तीसगढ़ राज्य

जगदलपुर, 1 नवंबर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के कारण ही छत्तीसगढ़ राज्य अलग राज्य बन पाया, छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल बिहारी वाजपेई जी रहे हैं, यह कहना है छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संग्राम सिंह राणा का जिन्होंने कहा छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का जब भी जिक्र होगा अटल जी हमेशा याद किए जाएंगे,1 नवंबर 2000 यही वह तारीख थी छत्तीसगढ़ देश के 26 वे राज्य के रूप में वजूद में आया, छत्तीसगढ़ के नई यात्रा के सूत्रधार बने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई,, छत्तीसगढ़ राज्य बने 20 साल होने को है और आज भी पूरा प्रदेश उन्हें राज्य निर्माता के रूप में याद करता है। साल 1998 -99 में रायपुर के सप्रे शाला मैदान में अटल जी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ये कहा कि आप मुझे 11 सांसद दो मैं छत्तीसगढ़ राज्य दूंगा ,चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनी और अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री बने उन्हें छत्तीसगढ़ में किया वादा याद था उन्होंने छत्तीसगढ़ को उनकी सपनों की मंजिल तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी, 25 जुलाई 2000 मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन लोकसभा में पेश किया गया और 31 जुलाई को पारित भी हो गया जबकि 3 अगस्त 2000 राज्य सभा में प्रस्तुत हुआ और 9 अगस्त को पारित हो गया ।इस तरह छत्तीसगढ़ के निर्माण का रास्ता खुल गया। प्रदेश के तमाम नेता चाहे वह किसी भी दल के हो अटल जी के इस अमूल्य योगदान को याद करते हैं।

अटल जी प्रधानमंत्री के रूप में सहृदय व सबको साथ लेकर चलने वाली नेता थे,ऐसे नेता लाखों करोड़ों में एक होते हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता के दिलों में भी अटल जी के लिए अलग स्थान है ।नए राज्य की स्थापना होने के बाद भी प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने हमेशा छत्तीसगढ़ के विकास में हाथ बढ़ाया, रायपुर एम्स का निर्माण उनके कार्यकाल में हुआ सीपत के एनटीपीसी प्लांट की आधारशिला भी उन्हीं के वक्त में हुई, यह दो उदाहरण ही बताने के लिए पर्याप्त हैं कि नए छत्तीसगढ़ को संवारने के लिए कितने संजीदा थे अटल जी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को छत्तीसगढ़ से गहरा लगाव था।छत्तीसगढ़ के साथ ही अटल बिहारी वाजपेई द्वारा उत्तराखंड और झारखंड राज्य का निर्माण किया था, अटल बिहारी बाजपेई ने सन 2004 में छत्तीसगढ़ में तीन विश्वविद्यालयों के नीव रखी थी कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर, तकनीकी विश्वविद्यालय दुर्ग और पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर की स्थापना अटल बिहारी वाजपेई द्वारा की गई थी। अटल जी ने 1990 से पहले ही तय कर लिया था कि उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य बनाना है ।छत्तीसगढ़ के आदिवासियों उनकी संस्कृति और यहां की वन संपदा से बेहद लगाव रखते थे। यहां के लोगों का आर्थिक और समाज की स्तर को ऊपर उठाना चाहते थे ,1986-87 में जब अटल बिहारी वाजपेई बस्तर दौरे में आए तो वहां के वनवासियों और वनसंपदा को देखकर बहुत प्रभावित हुए, तभी से मनसा बना ली थी कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा देना है क्योंकि वह जब भी छत्तीसगढ़ दौरे पर आते उन्हें इस बात को हमेशा महसूस करते कि छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में वन संपदा और संसाधन होने के बावजूद भी यहां के लोग अत्यंत ही पिछड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश बड़ा राज्य होने के कारण छत्तीसगढ़ के लोगों का आर्थिक और सामाजिक रुप से समुचित विकास नहीं हो रहा है ।छत्तीसगढ़ एक स्वतंत्र राज्य बनने के बाद ही यहां के लोगों को अवसर का लाभ मिलेगा।जब प्रधानमंत्री बने तब सर्वदलीय बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रमेश बैस, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डॉ रमन सिंह, पूर्व सांसद चंद्रशेखर साहू, बस्तर के कद्दावर नेता बलिराम कश्यप, छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता लखीराम अग्रवाल सहित 4 से 5 सांसद अटल जी  से मिले थे।छत्तीसगढ़ के लोगों के आग्रह पर वाजपेई जी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के मसौदे को हरी झंडी दे दी,वाजपेई जी ने प्रधानमंत्री सड़क योजना में एक महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए बस्तर को विशेष लाभ दिलवाया। उस समय प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 500 आबादी वाले गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने का लक्ष्य था। बस्तर के लिए उन्होंने संशोधन करते हुए ढाई सौ आबादी वाले गांव को भी उन्होंने मुख्य सड़क से जोड़ने का निर्देश दिये। इस प्रकार श्री  वाजपेई जी ने बस्तर के अधिकांश मुख्य मार्ग से जोड़ने में भी बड़ी भूमिका निभाई।