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शासकीय दूधाधारी बजरंग कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में रोजगार कौशल वृद्धि कार्यक्रम का आयोजन

शासकीय दूधाधारी बजरंग कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में रोजगार कौशल वृद्धि कार्यक्रम का आयोजन

 रायपुर।  शासकीय दूधाधारी बजरंग कन्या स्नातकोत्तर ( स्वशासी ) महाविद्यालय , रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) में रोजगार कौशल दृद्धि कार्यशाला का आयोजन महाविद्याल की प्राचार्या डॉ . श्रद्धा गिरोलकर के मार्गदर्शन में एवं डॉ . शीला श्रीधर ( विभागाध्यक्ष , भूगोल विभाग ) के संयोजन में दिनांक 13 से 31  अक्टूबर 2020 तक किया गया । इसमें 100 से अधिक छात्राओं ने 15 दिनों तक देश के ख्यातिलब्ध विषय विशेषज्ञों से कौशल अभिवृद्धि , बॉडी लैंग्वेज , व्यक्तित्व विकास , सप्रेषण विधा , साक्षात्कार के विभिन्न पहलुओं पर जानकारियाँ प्राप्त की ।


 कोविड -19 के महामारी के दौर में महिला सशक्तिकरण  को ध्यान में रखते हुए बालिकाओं के उत्थान के लिए आयोजित यह कौशलवृद्धि कार्यशाला किसी भी महाविद्यालय में पहली बार 15 दिनों तक लगातार गूगल मीट के माध्यम से सायंकाल  04.00 से 06.00 बजे तक आयोजित की जाती रही । इस कार्यशाला के आयोजन में एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में बी . श्रीनिवास , जो एनएसडीसी के सर्टिफाईड ट्रेनर है , का महत्वपूर्ण योगदान रहा । इस कार्यशाला में छात्राओं के रोजगार कौशलवृद्धि के विभिन्न आयामों के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम एवं समर्थ बढ़ाने हेतु उनका मोटिवेशन व मार्गदर्शन किया गया ।


 इस कार्यशाला का समापन समारोह दिनाक 31 अक्टूबर 2020 को श्रीमती शारदा वर्मा , आईएएस , आयुक्त - उच्च शिक्षा , छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ । श्रीमती वर्मा ने इस कार्यशाला हेतु महाविद्यालय को साधुवाद देते हुए इस कार्यशाला की भूरी भूरी प्रशंसा की । उन्होंने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति अपनी भाषा की शैली  लिखावट एवं विश्लेषण से न केवल आत्मनिर्भर बनता है अपितु समाज में अपनी पहचान भी बनाता है । 

आज के वैश्विक दौर में कौशल में अभिवृद्धि प्रासंगिक ही नहीं अपितु अनिवार्य भी है । छात्राओं को प्रशिक्षण में दिये गये जानकारियों को डायरी में नोटकर उसे निरंतर अपने जीवन में उपयोग में लाना चाहिये जिससे कि जीवन को श्रेष्ठ बना सकें । 


कार्यशला के प्रतिभागियों में से उमेश्वरी  , सृष्टि शुक्ला , जिज्ञासा , सरस्वती , मनाली  , यामिनी  एवं अन्य छात्राओं ने कार्यशाला के संबंध में और उससे हुए लाभ पर अपने विचार व्यक्त किये । कार्यशाला का सफल संचालन डॉ . कल्पना मिश्रा ( सहायक प्राध्यापक , हिन्दी ) ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन कामना बघेल ने रोचक ढंग से किया । इस कार्यशाला में 70 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये ।