मशनिया सचिव द्वारा वित राशि में फर्जी आहरण पर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

मशनिया सचिव द्वारा वित राशि में फर्जी आहरण पर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

सक्ती, 28 जून। जनपद पंचायत कार्यालय क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत मसनियाॅ के सचिव द्वारा 6.95 लाख रूपये राशि जनवरी माह में आहरण कर लिया गया है और किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किए जाने की शिकायत मसानिया के ग्राम वासियों द्वारा किया गया था। जिस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा जांच टीम गठित की गई थी। उक्त जांच टीम में करारोपण अधिकारी मधु पटेल शंकर पटेल को शामिल किया गया था। जांच टीम के द्वारा मसानिया कला में जांच के लिए  सरपंच सचिव शिकायतकर्ता को नोटिस जारी की गई थी और  24 जून को जांच टीम मशनिया  ग्राम पंचायत पहुंची तो सचिव द्वारा छुट्टी में हूं कह कर उन्हें सूचना दी गई जबकि शासन के दिशा निर्देश अनुसार  कोविड 19 के मद्देनजर कलेक्टर के द्वारा सख्त निर्देश दिया गया है कि प्रवासी मजदूरों की देखरेख के लिए जिस भी अधिकारियों की या सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है वह पर्याप्त कारण एवं जिला से अनुमति के पश्चात ही छुट्टी पर जा सकता है, परंतु अपने जांच को बचाने के लिए ग्राम पंचायत सचिव मसानिया के द्वारा अनुपस्थित रहने के कारण जांच नहीं हो पाई। 

27 तारीख को सचिव को पंचायत में कराए गए कार्य के समस्त दस्तावेज के साथ उपस्थित होने  के लिए कहा गया था, परंतु सचिव बिना दस्तावेज के ही 27जून को ग्राम पंचायत पहुंची जिसके चलते दस्तावेजों की जांच नहीं हो पाई। जांच टीम के द्वारा लगातार दस्तावेजों को उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है, परंतु सचिव ना जाने क्यों दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर रही है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर किसी प्रकार का 14 वित्त के तहत राशि में भ्रष्टाचार नहीं किया गया है तो सचिव दस्तावेज देने से क्यों डर रही है जांच टीम  ग्राम वासियों का पंचनामा लेकर ही वापस लौट आए  परंतु जांच टीम ने बताया कि  दस्तावेज की जांच नहीं हो पाई।


इस संबंध में ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि सचिव द्वारा जिन-जिन कार्यो में राशि खर्च किये जाने की बात बतायी जा रही है यह कार्य अब तक नही हुये है ।  वही सचिव द्वारा गोठान के लिये चैदवें वित्त के तहत् पैरा खरीदने की बात कही जा रही है और इस कार्य में 3.35 लाख रूपये की राशि दो बिल के माध्यम से आहरण दस्तावेज के आधार पर पाया  गया था। सचिव द्वारा लगभग 14 वित्त के तहत है   पैरा खरीदने के संबंध में ग्राम पंचायत मसनियाॅ के ही पूर्व सरपंच अशोक थवाईत द्वारा बताया गया कि सचिव के द्वारा पैरा ढुलाई का कार्य मेरे टेक्टर से करवाया है प्रति टेक्टर 800 रू. की दर से 68 टेक्टर पैरा की ढुलाई मेरे द्वारा गोठान के लिये की गई है वही पैरा खरीदने के नाम से 14वें वित की राशि से सचिव द्वारा तीन  ट्रैक्टर खरीदना बताया जा रहा है वह गलत है क्योंकि गोठान में केवल  68 ट्रैक्टर ही  पैरा रखा हुआ है। सचिव के द्वारा 335 ट्रैक्टर पैरा  3.35 लाख रूपये की राशि से पैरा खरीदी बताया जा रहा है और लीलाधर जायसवाल के नाम से बिल लगाकर यह राशि  आहरण की गई है, जबकि लीलाधर जायसवाल द्वारा किसी भी प्रकार का पैरा मसनिया गोठान में।  पैरा ढुलाई नहीं  कि गई  सचिव द्वारा कितना फर्जीवाडा किया गया है। इस बात से  अन्दाजा पैरा का ढेर देख कर ही लगाया जा सकता है। 

पंचायत  मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर एस साहू द्वारा निर्देष जारी किया गया था कि 14वें वित्त की राशि आहरण करने के पूर्व या किसी भी कार्य को कराने से पूर्व उक्त कार्य का प्रस्ताव स्टीमेट एवं जी.एस.टी. बिल के माध्यम से  तथा करारोपण अधिकारी, पंचायत इंस्पेक्टर तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी के हस्ताक्षर होना चाहिये परंतु इन अधिकारियों के द्वारा भी बिना कार्य के भौतिक सत्यापन करे ही सचिव  अधिकारियों के सांठ गांठ कर राशि  जारी कि गई यह जांच का विषय है। 

इस संबंध में पूर्व सरपंच अमर सिंह सिदार के द्वारा बताया गया- मैं जनपद सदस्य का चुनाव लड़ रहा था और मुझे सचिव द्वारा कहा गया कि आपका डीएससी का आपको जरूरत नहीं है और मेरे से डीएससी लेकर जा चुकी थी  और कितना राशि  आहरण की गई है और क्या  कार्य कराया गया है।  मुझे कोई जानकारी है वही केवल गोठान पैरा का भुगतान करना है कहकर मेरे से डीएससी लेकर गई थी और कितना भुगतान किया है उसकी भी जानकारी मुझे नहीं है।  

इस संबंध में जांच अधिकारी टीम के द्वारा बताया गया कि हमारे द्वारा 1 सप्ताह पूर्व ही ग्राम पंचायत के सचिव को नोटिस जारी कर बता दिया गया था कि दिनांक 24 जून को आप  ग्राम पंचायत में उपस्थित रहने को कहा गया था परंतु सचिव के द्वारा दूरभाष से हमें सूचना दी गई कि आज मैं घरेलू कार्य से छुट्टी में हूं और  कल उपस्थित रहूंगी कहा गया था परन्तु 27 जून को भी बिना दस्तावेज के जांच टीम के समक्ष पहुंची। 

इस संबध में अनुविभागीय  अधिकारी सुभाष राज के द्वारा बताया गया की  पंचायत सचिव के द्वारा  फर्जी  बिना कार्य कराए राशि आहरण कि शिकायत प्राप्त हुई थी जिस पर जनपद पंचायत के द्वारा जांच कराया जा रहा है अगर सचिव द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जा  रहा है तो सचिव पर कार्यवाही की जाएगी।