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रामायण के प्रेरक प्रसंगों में मिलती है जनसेवा की प्रेरणा : वासनिक

रामायण के प्रेरक प्रसंगों में मिलती है जनसेवा की प्रेरणा : वासनिक

राजनांदगांव। ब्लॉक के ग्राम कांकेतरा में दो दिवसीय मानस गान प्रतियोगिता का शुभारंभ राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक की मुख्य अतिथि में हुआ। समिति द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री वासनिक का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतियोगिता का शुभारंभ मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीरामचंद्र के तैलचित्र और पवित्र रामायण ग्रंथ की पूजा अर्चना कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री वासनिक ने कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में आपने जो मुझे मान-सम्मान दिया, इसके लिए मैं आप सभी आयोजन समिति को दिल से आभार व्यक्त करता हूं। श्री वासनिक ने अपने उद्बोधन में कहा कि रामचरित मानस हमें जीने की कला सिखाती है। पूरे जीवन का सार हमें रामचरित मानस से मिलता है। श्रीराम का जीवन पवित्र है, चरित्र की प्रधानता का उल्लेख रामचरित मानस में है। मनुष्य अगर अपने जीवन में श्रीराम के पावन चरित्र को उतारता है तो उसका जीवन धन्य हो जाता है, निश्चित ही उस मनुष्य अपने जीवन काल में उन्नति के शिखर पर होगा। रामायण के अनेक प्रसंगों में हमें निरन्तर जनसेवा की प्रेरणा मिलती है।
 वासनिक ने कहा कि राम के चरित्र को जीवन में आत्मसात करना ही सच्ची राम भक्ति है। भगवान श्रीराम मर्यादा पुरूषोत्तम थे, राम के जन्म से लेकर उनका पूरा जीवन माता-पिता, गुरू व बड़ों का सम्मान शालीनता, सरलता, सहजता में समर्पित रहा है। श्रीराम चन्द्र भगवान के एक गुण को हम धारण करेंगें तो हमारा जीवन सार्थक हो पायेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से ईश्वर दास मेश्राम, विशिष्ट अतिथि डोंगरगढ विधायक प्रतिनिधि अजीत सिन्हा, उत्तर ब्लॉक कांग्रेस के युवा नेता आशीष रामटेके, मोतीलाल सूर्यवंशी, गणेश राम यादव, रोशनलाल सिन्हा, भुनेश्वर देवांगन, लोकेश देवांगन, खेमचंद निषाद सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।