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मजबूरी में कुचलने वाली मानसिकता को कुचलना पड़ा - शिवराज

मजबूरी में कुचलने वाली मानसिकता को कुचलना पड़ा - शिवराज

भोपाल . मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विधानसभा में कहा कि वर्ष 2018 में भाजपा ने पांच साल विरोध की राजनीति करने की इच्छा के साथ सत्ता छोड़ी थी, लेकिन नयी सरकार ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कुचलने के कार्य शुरू कर दिए और हमें कुचलने वाली मानसिकता को कुचलना पड़ा।
मुख्यमंत्री चौहान ने राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर दो दिनों तक चली चर्चा का सदन में उत्तर देते हुए यह टिप्पणी की।

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में लगभग 01 घंटे 45 मिनट तक अपनी बात रखी। इस दौरान विपक्षी दल के सदस्यों की ओर से बार बार टोकाटाकी की गयी और इस बात को लेकर सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के सदस्यों के बीच नोंकझोंक की स्थिति बनी।
श्री चौहान ने कहा कि वे बड़ी तकलीफ के साथ यह बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा ''हम तो सत्‍ता छोड़कर चले गए थे। हम तो पांच साल विरोध की राजनीति करना चाहते थे लेकिन आज मुझे आपसे कहना चाहिए आप आगे के लिए भी समझ लें। आपने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को कुचलना शुरू कर दिया। एक जगह नहीं कई जगह यहां हमारे वर्षों पुराने कार्यकर्ता नेता मीणा साहब उनकी दुकानें तोड़ दो, ग्‍वालियर के डॉक्‍टर भल्‍ला, कुकरेजा, संजय सत्‍येन्‍द्र पाठक क्‍या स्‍वर्गीय सत्‍येन्‍द्र पाठक जी को आप नहीं जानते थे। राजनैतिक प्रतिद्व‍ंद्विता के वशीभूत तोड़ दो भूपेन्‍द्र सिंह जी की होटल नपवा दो। मध्‍यप्रदेश में यह बदले की राजनीति कभी नहीं हुई थी।''
श्री चौहान यहीं नहीं रुके और उन्होंने कहा कि कुचलने की कोशिश की गई। हमने तय किया कि कुचलने वाली मानसिकता को हम कुचलेंगे और आज पूरी जिम्‍मेदारी के साथ में वे यह कहना चाहते हैं कि मन में बिलकुल यह इच्‍छा नहीं थी कि जल्‍द ही कोई सत्‍ता में लौटे, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन गईं, वातावरण ऐसा बन गया। लोग कुचले जाने लगे, वादे पूरे नहीं हुए, चारों तरफ त्राही-त्राही हुई और यहां तक हुआ कि अधिकारी स्‍तर पर उच्‍च पदों की भी बोलियां लगीं और कई जगह चारों तरफ दलाल घूमने लगे। यह परिस्थितियां बनीं।
श्री कमलनाथ ने तत्काल इन आरोपों का प्रतिरोध किया। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उन पर केस लगा दिया गया था। संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनका पूरा स्टाफ गिरफ्तार हो गया था। 18 लोग जेल गए थे और कहा जा रहा है कि किसी एक को भी कुछ नहीं किया।
श्री चौहान ने इसके बाद कहा कि वे बहुत विनम्रता के साथ कहना चाहते हैं कि परिस्थितियां ऐसी बनीं और जो कांग्रेस के सदस्य त्यागपत्र देकर भाजपा में आए। फिर चुनाव मैदान में गए। ये सभी साथी जो कभी दो ढाई हजार मतों से जीतते थे, उपचुनाव में 50 हजार से लेकर एक लाख से अधिक मतों से जीते। इन साथियों ने सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से 11 माह के दौरान कोरोना संकटकाल से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया और आकड़े पेश करते हुए विभिन्न सदस्यों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर जानकारी दी। श्री चौहान ने यह भी कहा कि वे आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को धरातल पर लाने के लिए दिनरात कार्य कर रहे हैं और इस कार्य में सभी का सहयोग लेंगे।