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आदिवासियों के अधिकारों पर डाका डाल रहा नगर पालिका

आदिवासियों के अधिकारों पर डाका डाल रहा नगर पालिका


निर्मित दुकान की नीलामी निरस्त करने के लिए दिया कलेक्टर को ज्ञापन

बीजापुर - नगर पालिका की अव्यवस्था को लेकर पार्षद ने फिर से मोर्चा खोलते हुए कह नगर पालिका में भष्टाचार और आदिवासियों के अधिकार पर डाका डाले जाने का गंभीर आरोप लगाया। शुक्रवार के पार्षद नंदकिशोर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कह नगर पालिका बीजापुर  षडयंत्र पूर्वक आदिवासियों के अधिकार  डाका डाल रहे है नगर पालिका में स्थाई आदिवासी सीनियर कर्मचारियों भुनेश्वर मांझी को पदोन्नति नही कर अन्य जूनियर कर्मचारी को किया गया । 

नगरपालिका बीजापुर में कोतवाली थाना के सामने निमिर्त दुकान की नीलामी 20/12/2021 के किया  जाना रहा है जबकि नगर में तीन निर्मित दुकान एक ग्रामीण बैंक के पास 2  नया बस स्टेशन के बाजार के पास ही बना हुआ है नगर पालिका ने तीनो नवनिर्मित दुकानों की नीलामी नहीं किया जा रहा है ।

चारों निर्मित दुकान को एक साथ नीलामी किए जाने पर आरक्षण के आधार पर गरीब बेरोजगारों आदिवासियों को इसका लाभ मिल जाता साथ ही पार्षद ने कह की नगर पालिका प्रशासन ने आदिवासीयो के अधिकारो का सीधे-सीधे हनन कर अपने गरीबी और चाहतों को दुकान दिलाने के लिए आदिवासियों के अधिकारो से वंचित कर रहे है नगर पालिका शासन प्रशासन कांग्रेस सरकार की एजेंट की तरह काम करते हुए आदिवासी वार्डों में भी सौतेला व्यवहार करने की वजह से नगर में अव्यवस्था जैसा माहौल बना हुआ है


नवनिर्मित दुकान की नीलामी की निरस्त किए जाने और जांच किए जाने के संबंध में 6 सूत्री मांग को लेकर पार्षद नंदकिशोर राणा ने कलेक्टर राजेंद्र कटारा को ज्ञापन सौंपा । जिसमें मुख्य मांग नगरपालिका के अधिकारियों के द्वारा पाषर्दों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दिया गया है।

, निमिर्त दुकान की नीलामी की दर इतनी ऊंची रखी गई है कि इससे गरीब बेरोजगार अदिवासियों को कोई फायदा नही होगा क्योकि वो बोली में शामिल नहीं हो सकेंगे

, एक- एक दुकान की नीलामी अनारक्षित बता कर करने से गरीब बेरोजगार आदिवासियों के हक पर खुले आम डाका डाला जा रहा है।. ग्रामीण बैक के समीप निमार्णाधीन दुकान और नया बस स्टैण्ड सब्जी मंडी के पास निमार्णाधीन दुकान का नीलामी एक साथ नही किया जा रहा है एक साथ चारों दुकानों की नीलामी किया जाने पर आरक्षण के आधार पर गरीब बेरोजगारों आदिवासी को भी दुकान आवंटन हो जाता ।

कोतवाली सामने के निर्मित दुकान की नीलामी की बोली पहले 2500000 रुपए किया गया था  पुनः संशोधन करते हुए उसी दुकान की  की बोली  1250000 रुपए की गई है ।