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देश का पहला सौरऊर्जा आत्मनिर्भर गाँव बन गया बाचा

देश का पहला सौरऊर्जा आत्मनिर्भर गाँव  बन गया बाचा

भोपाल।  मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी तहसील की खदारा ग्राम पंचायत का बाचा गांव देश का पहला सौर ऊर्जा गांव बन गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बाचा गाँव बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी तहसील की खदारा ग्राम पंचायत का छोटा सा गाँव है। यह गाँव सौर ऊर्जा समृद्ध गाँव के रूप में देश भर में प्रतिष्ठा अर्जित कर चुका है। यहाँ की आबादी 450 है। यह मुख्य रूप से आदिवासी बहुल गाँव है। गाँव में अधिकतर गोंड परिवार रहते हैं। गाँव के सभी 75 घरों में अब सौर-ऊर्जा पैनल लग गये हैं। सबके पास सौर-ऊर्जा भंडारण करने वाली बैटरी, सौर-ऊर्जा संचालित रसोई है। गाँव की महिलाओं ने इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करते हुए खुद को प्रौद्योगिकी के अनुकूल ढाल लिया है।

बताया गया है कि वर्ष 2017 में आईआईटी बाम्बे और ओएनजीसी ने मिलकर बाचा गाँव की ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने और इसे आत्मनिर्भर गाँव बनाने के लिए चुना था। अब यहाँ सौर ऊर्जा संचालित एलईडी बल्ब के साथ घरों की ऊर्जा आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा से आसानी से पूरा किया जा रहा है। इसके चलते गाँव वाले इंडक्शन स्टोव का उपयोग करने के आदी हो चुके हैं। दूध गर्म करना, चाय बनाना, दाल-चावल, सब्जी बनाना बहुत आसान हो गया है। हालांकि गाँव में कई लोगों के पास एलपीजी गैस है, लेकिन उसका उपयोग अब कभी-कभार ही हो रहा है। इस गाँव ने आसपास के गाँवों को भी प्रेरित किया है।