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महिला बाल विकास विभाग में महिलाओं से की जा रही अभद्रता और गाली-गलौच

महिला बाल विकास विभाग में महिलाओं से की जा रही अभद्रता और गाली-गलौच


डाटा इंट्री ऑपरेटर की रायपुर कार्यालय तक हुई अभद्रता की शिकायत

विभाग की महिलाएं परेशान शिकयत पर शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई

दंतेवाड़ा, 6 अप्रैल। नाम है महिला बाल विकास विभाग। नाम से ही इस विभाग की कार्यशैली स्पष्ट हो जाती है। लेकिन दंतेवाड़ा के इस विभाग में नाम के ठीक उलटा है। यहां विभाग में ही कार्यरत गुलशन देशमुख महिलाओं से अभद्रता कर रहे हैं। उनके साथ गाली-गलौज कर रहे है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक शिकायती पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इस पत्र के माध्यम से महिला बाल विकास विभाग में काम करने वाली महिला ने रायुपर वरिष्ठ कार्यालय में गंभीर आरोपों से भरे शब्दों में शिकायत की है। उसने लिखा है कि किसी भी महिला के  साथ गाली-गलौज और अभद्रता करना आम बात है। कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों से उगाही भी करने में लगा रहता है। सभी कर्मचारियों को डरा-धमका कर रखा है। 

लोगों का यह भी कहना है कि डाटा इंट्री ऑपरेटर ने सभी को खौफजदा कर दिया है। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी भी उसी की बात सुनते है। इसके पीछे पत्र में लिखा गया है कि गुलशन देशमुख अधिकारी के घर का पूरा काम करता है। अधिकारी की पत्नी को शॉपिंग कराना और उनके बच्चे की विशेष देखभाल करना मुख्य काम है। इसके साथ ही साग सब्जी और धर के रोजमार्र के कार्यो की जिम्मेदारी गुलशन की है। इसलिए उसकी लाख गलतियों पर पर्दा पड़ा हुआ है। इस तरह के गंभीर आरोपों के साथ पत्र को रायपुर कार्यालय को भेजा गया था। वहां से पत्र आया है कि इस पूरे मामले की जांच गहराई से हो और अवगत कराएं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अवर सचिव ने मांगा जबाब, पत्र को सात दिन बीते

छ ग शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर से 29 मार्च को महिला बाल विकास विभाग में एक पत्र आया। उस पत्र में गुलशन देशमुख मामले की जांच करने के आदेश है। स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि 15 दिवस के अंदर जांच कर रिपोर्ट दें। इस पत्र में लिखा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग जिला दंतेवाड़ा में अधिकारी की चाटुकारिता और सविंदा कर्मी के द्वारा की जा रही मनमानी, कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार और वसूली के सबंध में शिकायत मिली है। इस प्रकरण को  करीब हफ्ता गुजर रहा है। अभी तक इस गंभीर शिकायत पर प्रशान के जूं तक नहीं रेंगी। यह पत्र अवर सचिव विजया खस्स के कार्यालय से आया है। इतना ही  नहीं इस तरह के और भी पत्र पहले आ चुके है। शिकायतें की जा रही है, वरिष्ठ कार्यालय पत्र प्रेषित हो रहे हैं। हां नहीं होता तो निराकरण।

एसडीएम अविनाश मिश्रा ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे कार्रवाई की जाएगी।