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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अनियमितता चरम पर, फर्जी बिलिंग पर निकाले जा रहे पैसे

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अनियमितता चरम पर, फर्जी बिलिंग पर निकाले जा रहे पैसे

राजकुमार मल

भाटापारा ! सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा चिकित्सकों की मेहरबानी से अनियमितता अब चरम पर नजर आ रही है कई फर्जी बिलिंग पर पैसे निकाले जा रहे हैं, तो कहीं शासकीय चिकित्सकों द्वारा शासकीय संस्थान में ही निजी अस्पताल खोलकर मरीजों को लूटा जा रहा है | यह कहानी नहीं, हकीकत है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की |

यहां पदस्थ डॉ राजेंद्र महेश्वरी पर सीधा-सीधा आरोप लग रहा है कि वह अपने आवास में निजी अस्पताल चला रहे हैं | इस काम में उनकी चिकित्सक पत्नी डॉ सुषमा महेश्वरी भी उनका पूरा सहयोग कर रहीं हैं |

आरोप लगाने वाले मरीजों की संख्या तो सैकड़ों में है पर आज जिला पंचायत सदस्य व सभापति श्रीमती कविता कुमलेश देवांगन ने पीड़ितों की शिकायत पर जब अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तब उन्होंने पाया कि सरकारी अस्पताल की जगह डॉ महेश्वरी अपने निवास पर इलाज कर रहे हैं |

इस पर  देवांगन ने नाराजगी व्यक्त की लेकिन डॉ माहेश्वरी पर कोई फर्क नहीं पड़ा |पूछताछ होती देख डॉ माहेश्वरी और उनकी चिकित्सक पत्नी ,जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कविता से ही दुर्व्यवहार करने पर उतर आईं | इसकी शिकायत जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की गई | शिकायत पर कार्यवाही करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए |

इसके बावजूद चिकित्सक दंपत्ति पर कोई फर्क नहीं पड़ा है | अब भी वे धड़ल्ले से पहले जैसा ही काम कर रहे हैं | यह हरकत संकेत है इस बात का,अधिकारियों का खुला संरक्षण मिला हुआ है, जिसकी वजह से शिकायतें नजरअंदाज की जा रहीं हैं |

बता दें कि इसके पहले भी इस अस्पताल में फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया था ,जिसे देशबंधु ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था | जिस पर संबंधित  कर्मचारी राजेश डेहरिया का स्थानांतरण किया गया था | पल्स पोलियो अभियान से जुड़े इस मामले में निजी वाहन के बिल लगाकर डीजल के पैसे लगभग 15000 रुपए निकाल लिए गए थे |

इस मामले में क्या केवल अकाउंटेंट ही शामिल था फर्जी बिलिंग  पर बीएमओ की अनभिज्ञता पर भी सवाल उठ रहे हैं |अब देखना यह है कि सभापति की शिकायत महत्व रखती है या रसूख रखने वाले चिकित्सक और कर्मचारियों की ?