breaking news New

पीएम मोदी ने राष्ट्र को किया सम्बोधित, जानिए- पीएम मोदी ने राष्ट्र के लिए क्या कुछ कहा

पीएम मोदी ने राष्ट्र को किया सम्बोधित, जानिए- पीएम मोदी ने राष्ट्र के लिए क्या कुछ कहा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज देशवाशियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने देश की जनता को कोरोना से लड़ने और उसे दूर भगाने के बारे में लोगों को विभिन्न प्रकार के जानकारी दिए और इस कार्य में सभी को सहयोग प्रदान करने की अपील किया। यह पीएम मोदी का कोरोनाकाल के 19 महीने में ये उनका 10वां संबोधन था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति की आज सराहना करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान कृषि क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को सुधारा। पीएम मोदी ने राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस दौरान रिकार्ड मात्रा में फसलों की खरीद की गयी और किसानों के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं। 

उन्होंने इस दौरान कोरोना महामारी को लेकर लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की और कहा कि त्योहारों के अवसर पर उन्हें और सावधान रहना चाहिये। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने एक संदेश भी दिया कि महामारी के वक्त जो सवाल उठे थे, देश ने उनके जवाब दे दिए हैं। साथ ही साथ उन्होंने अर्थव्यवस्था, किसानों और त्योहारों का भी जिक्र किया, तो मास्क को लेकर नया मंत्र भी दिया। उन्होंने आगे कहा कि इससे भारत को जो फार्मा हब की पहचान मिली है उसे मजबूती मिलेगी।

कोरोना महामारी की शुरुआत में यह भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि भारत जैसे देश में इस महामारी से लड़ना मुश्किल होगा। यह भी कहा जा रहा था कि इतना संयम कैसे चलेगा, लेकिन भारत ने मुफ्त वैक्सीनेशन का अभियान शुरू किया। गांव, शहर, सुदूर देश का एक ही मंत्र रहा कि वैक्सीन भेदभाव नहीं करती तो वैक्सीनेशन में भी भेदभाव नहीं हो सकता। कोई कितना भी बड़ा हो, कितना धनी हो उसे वैक्सीन सामान्य नागरिकों की तरह की लगेगी।

प्रधानमंत्री बोले कि यह भी कहा जा रहा था कि यहां लोग टीका लगवाने आएंगे ही नहीं। दुनिया के कई देशो में यह बड़ी चुनौती बन गई है, लेकिन भारत ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगाकर सबको निरुत्तर कर दिया है। हमने महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में जन भागीदार को फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस बनाया। हमने ताली थाली बजाई तब कुछ लोगों ने कहा था कि क्या इससे बीमारी भाग जाएगी, लेकिन उससे एकजुटता की ताकत दिखी। उसी शक्ति ने इस देश को आज 100 करोड़ तक पहुंचाया है।