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100 फीट ऊंचे झरने के कुंड में डूबे तीन दोस्त

100 फीट ऊंचे झरने के कुंड में डूबे तीन दोस्त

 विदिशा/भोपाल । विदिशा जिले के हलाली डैम के नजदीक 5 किमी दूर घने जंगल में 100 फीट के झरने में डूबकर तीन युवकों की मौत हो गई। सभी भोपाल के अशोका गार्डन निवासी थे। तीनों दोस्त थे और वे यहां रविवार सुबह पिकनिक मनाने आए थे। हादसा पैर फिसलने से होना बताया जा रहा है। घटना पुलिस चौकी खामखेड़ा चौरासी थाना करारिया थाना की है।

भोपाल के अशोका गार्डन निवासी 17 साल का अमित पटेल, 19 साल का अभय शर्मा और मोहित शर्मा की डूबने से मौत हुई है। इनके शव को छोटा पचमढ़ी के पास झरने से निकाल लिया गया है। वहीं, 17 साल के अभिषेक शर्मा और अभिषेक सिंह निवासी भीम नगर को बचा लिया गया।

पुलिस के अनुसार, अभिषेक शर्मा चार अन्य दोस्तों के साथ सुबह भोपाल से मिनी पचमढ़ी में पिकनिक मनाने पहुंचा था। अशोका गार्डन भोपाल का रहने वाला अभय करीब 100 फीट ऊंचाई से गिरने वाले झरने के निचले हिस्से में पहुंच गया। नहाते समय उसका पैर फिसल गया। उसे गहरे पानी में जाता देख अन्य चारों युवक पानी में उतर गए। इनमें से तीन युवक गहरे पानी में जाने से डूब गए। अभिषेक सिंह जैसे-तैसे बाहर निकला और आवाज लगाई। आसपास के कुछ ग्रामीण मदद को पहुंचे और अभिषेक शर्मा को भी बचा लिया। स्थानीय लोगों ने ही पुलिस को भी सूचना दी।

अशोका गार्डन निवासी 17 साल के अभिषेक शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह भैया और दोस्तों के साथ सुबह करीब 5 बजे घर से निकले थे। यहां पहुंचने के बाद झरने में पैर फिसलने के कारण संतुलन बिगड़ गया। एक दूसरे को बचाने के प्रयास में एक के बाद एक नीचे कुंड में गिरने लगे। उसके सामने दोस्तों के साथ उसका 19 साल का बड़ा भाई अभय शर्मा भी पानी में डूब गया। वह और भीम नगर में रहने वाला उसका दोस्त अभिषेक सिंह किसी तरह बचकर बाहर निकल आए।

भोपाल से घटना स्थल पहुंचे मृतक अमित के पिता ने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना था कि अमित का किसी से कोई लेना-देना नहीं था। किसी को पता ही नहीं कि वह घर से कब निकल गया। वह गाड़ी भी नहीं ले गया था। हमें आशंका है कि साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। वह पढ़ाई में टॉप करता था। उसे यहां लाकर धक्का दिया गया है। इधर, विदिशा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।

अशोका गार्डन निवासी प्रीतम सिंह ने बताया कि 17 साल के अमित ने इसी साल 12वीं क्लास पास की थी। वह टॉप ही करता था। तीन बेटियों में वह इकलौता बेटा था। वह घर में सबसे छोटा था। अशोका गार्डन में उनकी चाय की दुकान है। वे उसी दुकान में सोते हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए किराये से कमरा लिया था। अमित भी बहनों के साथ रहकर पढ़ रहा था।

सुबह विदिशा पुलिस का फोन आने पर अमित के वहां होने के बारे में पता चला। उसने वहां जाने के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। उसे कोई बहला-फुसलाकर ले गया होगा। यहां आकर उसे धक्का दे दिया। मेरा सवाल यह है कि तीन में दो कैसे बच गए।

मोहित शर्मा के पिता प्राइवेट जॉब करते हैं। परिजनों ने बताया कि वह सुबह करीब 5 बजे किसी को बिना बताए घर से निकला था। उससे बड़ी एक बहन है। उसने इसी साल 12वीं पास की। किसी को भी नहीं पता कि वह यहां कैसे पहुंच गया। परिजनों को आशंका है कि हादसे के दौरान एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में वह डूब गए होंगे।