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2021 में हमारे जांबाज जवानों ने नक्सलियों से लिया जमकर लोहा

2021 में हमारे जांबाज जवानों ने नक्सलियों से लिया जमकर लोहा


वर्ष 2021 में सुरक्षा बलों ने ढेर किये 42 नक्सली , मुठभेड़ में शहीद हुए 34 जवान 

जगदलपुर। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्ष 2021 में हमारे जांबाज जवानों ने नक्सलियों से जमकर लोहा लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी 2021 से लेकर 31 दिसंबर तक हमारे सुरक्षा बलों ने 42 नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें से 01 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक के इनामी नक्सली शामिल हैं। वहीं नक्सली मुठभेड़ में 34 जवान शहीद हुए हैं।

     23 मार्च को नारायणपुर में नक्सलियों ने जवानों से भरी बस को उड़ा दिया, जिसमें 05 जवानों की शहीद हो गए और 19 जवान घायल हो गए थे। जिसमें से 07 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। नक्सलियों ने उस वक्त वारदात को अंजाम दिया, जब डीआरजी के जवान सर्चिंग से वापस नारायणपुर के लिए लौट रहे थे। इसी दौरान कडेनार और कंहारगांव के बीच नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट से बस के परखच्चे उड़ गए थे। 


     25 मार्च को कोंडागांव जिले के केशकाल इलाका अंतर्गत कुएंमारी में सड़क निर्माण में लगी गाडिय़ों को नक्सलियों में दिन दहाड़े आग के हवाले कर दिया। नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील इलाके में नक्सलियों द्वारा की गई इस अगजनी में 17 गाडिय़ां जलकर खाक हो गई थीं। हथियारबंद नक्सलियों ने घटना को उस वक्त अंजाम दिया जब निर्माण कार्य में जुटे लोग लंच कर रहे थे। इस घटना में करीब 03 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था।

    03 अप्रैल को सुकमा जिले के तर्रेम बीजापुर-सुकमा के सरहदी क्षेत्र में नक्सलियोंं के डबल एंबुश में फंस गई। इसके बाद पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 24 जवान शहीद हो गए, वहीं एक कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। अगवा जवान की रिहाई के लिए पूरा देश एकजुट हो गया था। इसके बाद अपहृत जवान की रिहाई के लिए 11 सदस्यीय टीम ने जाकर नक्सलियों से मध्यस्थता की थी। साथ ही स्थानीय पत्रकारों ने भी जवान की रिहाई के लिए इस 11 सदस्यीय टीम में शामिल रहे।

    21 अप्रैल को बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र में डीआरजी के एसआई मुरली ताती का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। नक्सली तीन दिनों तक एसआई मुरली को अपने साथ घुमाते रहे। उसके बाद 23 अप्रैल को जवान की हत्या कर शव को सड़क पर फेंक दिया था। इस दौरान नक्सलियों ने मुरली के शव के साथ पर्चा भी फेंका था। अपहृत जवान की रिहाई के लिए आदिवासी समाज ने अपील भी की थी।

     05 नवंबर को नक्सलियों ने सुकमा जिले के बटेर गांव से मुखबिरी के शक में 05 ग्रामीणों का अपहरण कर लिया था। हालांकि तीन दिन बाद नक्सलियों ने ग्रामीणों को छोड़ दिया, लेकिन कुछ ग्रामीणों के साथ नक्सलियों ने मारपीट की थी।

     07 नवंबर को सुकमा जिले के मरईगुड़ा के लिंगनपल्ली में सीआरपीएफ की 50 वीं बटालियन में एक जवान ने साथियों पर गोलियां बरसा दी थी. घटना देर रात 3.25 बजे की थी। इस फायरिंग में सीआरपीएफ के 04 जवानों की मौत हो गई और 03 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फायरिंग करने वाले जवान रितेश रंजन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें जवान की मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना निकलर सामने आया था। 

     12 नवंबर को बीजापुर जिले के गोरना-मनकेली मार्ग पर सर्वेक्षण के लिए गए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग के सब इंजीनियर अजय रोशन लकड़ा का नक्सलियों ने अपहरण किया था। रोशन के साथ चपरासी को भी नक्सली अपने साथ ले गए थे, लेकिन नक्सलियों ने चपरासी को छोड़ दिया था। वहीं रोशन के अपहरण की खबर मिलते ही उनकी पत्नी अर्पिता अपने बच्चे को गोद में लेकर जंगलों की खाक छानती रही, 06 दिन बाद पति को छुड़ाकर वापस लौटी।

27 नवंबर को नक्सलियों के भारत बंद को लेकर दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में रेल पटरी की फिश प्लेट को निकालकर ट्रेन रोक दिया। इसकी वजह से माल गाड़ी की आधा दर्जन बोगियां पटरी से उतर गईं। इन बोगियों में लौह अयस्क भरा हुआ था। इस घटना से रेलवे को करोड़ों का नुकसान हुआ था।

31 दिसंबर को सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र अंर्तगत पालाचामा मुठभेड़ में कोबरा 208 का एक जवान की मौत हो गई ।