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जगदलपुर : मध्यान भोजन की अनियमितता को लेकर पूर्व विधायक बाफना ने सीएम बघेल को लिखा पत्र

जगदलपुर : मध्यान भोजन की अनियमितता को लेकर पूर्व विधायक बाफना ने सीएम बघेल को लिखा पत्र

जगदलपुर।  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना  ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर बस्तर जिले में मध्यान भोजन की गुणवत्ता एवं मेनू के अनुसार वितरित न करने को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया है।

 पूर्व विधायक  बाफना ने बस्तर के  स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को ध्यान में रखकर संचालित मध्यान भोजन योजना में  अनियमितता को लेकर अपने पत्र में कहा है कि दिनांक 13 मार्च 2020 से स्कूलों के बंद होने के बाद से अब तक बस्तर जिले में मध्यान भोजन योजना के तहत् केवल 90 दिनों का ही सूखा राशन 45-45 दिनों के दो चरणों में बच्चों को वितरित किया जा सका है। तृतीय चरण के लिए जिले में मध्यान भोजन के नाम पर सरकारी उचित मूल्य की दुकानों से चावल प्राप्त कर पिछले दिनों केवल सूखा चावल ही जगदलपुर विकासखण्ड सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में बांटा गया है। चावल के साथ दाल, तेल, सोयाबड़ी इत्यादि अन्य सामग्रियाॅ वितरित की जानी थी, किन्तु नहीं किया गया।

 राज्य शासन द्वारा वर्तमान में 31 अक्टूबर तक की तिथि के लिए चौथे चरण में 63 दिनों का राशन इस योजना के तहत् बच्चों को बांटने का निर्देश है। लेकिन बस्तर जिले में तीसरे चरण का ही राशन अब तक नहीं बांटा गया है और चौथे चरण में भी राशन के वितरण की तैयारी लचर नज़र आ रही है।

मध्यान भोजन योजना के क्रियान्वयन को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाईन का बस्तर में उल्लंघन हो रहा है। यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़ी है और प्रदेश के शिक्षा मंत्री और बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री माननीय डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम  हैं उनके प्रभार वाले जिले में मध्यान भोजन योजना अंतर्गत बच्चो को केवल सूखा चावल बांटना शासन की इस योजना को लेकर विभाग के गंभीर नहीं होने को प्रदर्शित करता है।

 बाफना ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल  से आग्रह किया है कि पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए कृपया ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को मध्यान भोजन के तहत् प्रदाय की जाने वाली समस्त सामग्रियाॅ एक ही बार में दी जा सके। साथ ही मध्यान भोजन योजना के क्रियान्वयन से जुडे महिला स्वः सहायता समूहों से राशन उपलब्ध कराने का काम छीनकर राशन सामग्री राजधानी रायपुर से आपूर्ति किये जाने की व्यवस्था पर भी रोक लगाई जाए।