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हाथी प्रभावित क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ा है सोलर लाइट, ग्रामीणों ने कहा बिजली तो दिला दो साहब

हाथी प्रभावित क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ा है सोलर लाइट, ग्रामीणों ने कहा बिजली तो दिला दो साहब

चंद्र प्रकाश साहू

सुरजपुर। जिले के क्रेडा विभाग द्वारा वनांचल क्षेत्रों में लगे सौर ऊर्जा की व्यस्था चरमराई हुई है। केंद्र राज्य सरकार द्वारा क्रेडा विभाग से संचालित योजना कागजो में सिमट कर रह गई है। हाथी विचरण क्षेत्रो में सौर ऊर्जा सब स्टेशन पिछले 1 वर्ष से बंद पड़ा हुआ है। जिससे आदिवासी बहुमुल्य क्षेत्र के ग्रामीण लकड़ी के सहारे आग जलाकर प्रकाश करने का कार्य कर रहें है। तो वहीं प्रकाश नही होने कारण बच्चों के पढ़ाई लिखाई भी प्रभावित हो रही है। 


गौरतलब है कि सुरजपुर जिले के प्रेमनगर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरियरपुर, रामनेश्वर नगर में दर्जनों पावर प्लान्ट लगाया है। ग्राम हरियपुर के रिझना बहरा में लगभग तीन प्लांट है तो खेरसाली गड़ई मोहल्ले में एक प्लांट लगाया गया है। वहीँ रामेश्वर नगर के बड़तुंगा, सहित अन्य जगहों पर सौलर प्लांट लगाया गया है। जो वर्षो से बंद है। 

जिले के क्रेडा विभाग के पूर्व अधिकारी कमीशनखोरी में व्यस्त थे। जिले के समूचे सभी विकाशखण्ड के ग्रामों में लगे सौर ऊर्जा प्लांट वारंटी में होने के बाद भी क्रेडा विभाग के अधिकारी ठेकेदारो को ब्लैक लिस्ट नही किया है। बल्कि कागजों में मेंटेन्स कार्य दिखा दिया है। 


पूर्व क्रेडा प्रभारी अधिकारी केवल कमीशन खोरी में व्यस्त थे। ठेकेदार द्वारा कार्य ठीक से नही करने के बाद भी उन्हें ब्लेक लिस्ट नही किया गया बल्कि अधूरे कार्य को पूर्ण बताकर कागजों में ही मेंटेन्स कर दिया गया है। 

वहीं ओड़गी जनपद क्षेत्र अंतर्गत कई ग्रामो में क्रेडा विभाग द्वारा विद्युत व्यवस्था हेतु सोलर पावर प्लांट स्थापना किया गया था। जिसे नए अधिकारी द्वारा मेंटेन्स का कार्य कराया जा रहा है। 

प्रतापपुर, ओड़गी, प्रेमनगर के कई गांव ऐसे में है जहां 

वर्षो से अंधेरा छाया हुआ है ग्रामीण लालटेन युग जीवन जीने के लिए मजबूर हैं छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख योजना सौभाग्य योजना के अंतर्गत हर घर में बिजली पहुंचाना है। लेकिन यहां लाइट ना होने के कारण जंगली जानवरों बच्चों की पढ़ाई एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पूरे प्रभावित हो रहे हैं। यहां आए दिन जंगली हाथियों का आना-जाना लगा रहता है जहां ग्रामीणों एवं बच्चों को हाथों से अंधेरे में कुछ अनहोनी ना हो जाए डर बना रहता है वही इस संबंध में सुधार हेतु पूर्व में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं क्रेडा विभाग के जिला अधिकारी संभागीय अधिकारी को मौखिक एवं लिखित में सूचना दे चुके हैं लेकिन अब तक किसी भी प्रकार का सुधार नहीं किया गया है। 


बतादें कि सभी क्षेत्र हाथी विचरण क्षेत्र है। जहां आय दिन हाथी आतंक मचाते रहते है। ऐसे में ठंडी होने के कारण भालू समेत अन्य जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं तो वहीं सौर ऊर्जा प्लांट वर्षो से खराब पड़ी है।जिस कारण ग्रामीणों के अंधेरे में जीवन बसर करने को मजबूर है। 

ग्रामीण ने कहा शौच करने जाने के लिए मशाल जलाते है

शांति बाई आत्मज हीरा लाल पंडो जनजाति से आती है। कहती है कि दिन के उजाला में सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध होती है। किंतु अंधेला होने के बाद सौर लाइट चली जाती है। हमारा शुद्ध लेनें वाला कोई नही है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी प्रभावित होती है।


सुखमनिया पंडो जनजाति से है। बताती है कि महीनों से सौर ऊर्जा प्लांट की बैटरी खराब है। जिस कारण जंगल से लकड़ी लाकर प्रकाश किया जाता है। तो वही जंगली जानवर से बचने के लिए आग जलाते है ताकि जंगली जानवर भाग जाए। आगे कहते है कि शौच वगैरा के लिए लकड़ी का मशाल लेकर शौच करने बाहर जाते है ताकि जंगली जानवर हमला ना कर दे। आगे कहती है कि हाल ही में गणेश देवता हाथी आय थे। जो हमेशा आते है। ऐसे में बिजली नही होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

इस सम्बंध में वर्तमान क्रेडा अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव ने कहा कि ओड़गी क्षेत्रो खराब प्लांट को अस्थाई मर्म्मद करा दिया है। बैटरी के लिए आर्डर की गई है। बैटरी आने पर जल्द ही सुधार कार्य कर लिया जाएगा।