breaking news New

आजादी का अमृत महोत्सव मनाएगा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

 आजादी का अमृत महोत्सव मनाएगा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

नई दिल्ली । प्रगतिशील भारत और इसके गौरवशाली इतिहास के 75 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाने के उपलक्ष में, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय आज़ादी का अमृत महोत्सव समारोह के एक अंग के रूप में अगले सप्ताह विशेष कार्यक्रमों और उत्सवों का आयोजन कर रहा है।

वाणिज्य विभाग 20-26 सितंबर, 2021 की अवधि के दौरान 'वाणिज्य सप्ताहÓ (व्यापार और वाणिज्य सप्ताह) मनाएगा। इसके अंतर्गत देश भर में कई कार्यक्रमों और उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें आत्मनिर्भर भारत की क्षमता का उल्लेख किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से यह देश के सभी 739 जिलों को शामिल करते हुए 'खेत से विदेशी भूमियोंÓ, निर्यातक सम्मेलनों और वाणिज्य उत्सव पर ध्यान केंद्रित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के रूप में एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति, हरित और स्वच्छ एसईजेड का प्रदर्शन किया जाएगा।

15 अगस्त, 2019 को लाल किले की प्राचीर से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रत्येक जिले को निर्यात केंद्र में बदलने के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए, सितंबर, 2020 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल के निर्देशन में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का अनावरण किया गया था। एक जिले की वास्तविक क्षमता को साकार करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार एवं ग्रामीण उद्यमिता का सृजन करने की दिशा में ओडीओपी को एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में देखा जाता है, जो हमें आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य तक ले जाता है।

24-26 सितंबर, 2021 को होने वाले वणिज्य उत्सव के दौरान, निर्यात और निर्यात के साथ-साथ विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा बाजार विकास सहायता (ईएंडएमडीए) और संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से 100 जिलों में व्यापक स्तर के कार्यक्रमों सहित 700 से अधिक जिलों में निर्यातक सम्मेलनों/बैठकों का आयोजन किया जाएगा। संबंधित जिले के जिला आयुक्तों/कलेक्टरों की अध्यक्षता में जिला निर्यात संवर्धन समितियां (डीईपीसी) इन सम्मेलनों के आयोजन में प्रमुख हितधारक होंगी। इसमें अग्रणी बैंक, स्थानीय निर्यात संघों और निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) जैसे हितधारकों से जुड़े विदेशी व्यापार के मुद्दों पर स्थानीय निर्यातकों/उद्यमियों के लिए 2-3 घंटे के महत्वपूर्ण सत्र शामिल होंगे।

साथ ही, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) द्वारा देश के पांच क्षेत्रों- उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर (स्थलों का विवरण आवश्यक) में आज़ादी और निर्यात प्रोत्साहन/आयात प्रतिस्थापन-आत्मनिर्भरता की ओर विषय पर पांच राष्ट्रीय संगोष्ठियों/प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।

इन आयोजनों के दौरान, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) और ईपीसी में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की ऑनबोर्डिंग भी पूरी की जाएगी।

वाणिज्य सप्ताह के एक अन्य प्रमुख अभियान के तहत सभी 14 ईपीसी द्वारा 21-22 सितंबर, 2021 को आयोजित किए जा रहे 35 निर्यात संवर्धन कार्यक्रमों/प्रदर्शनियों में प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में से कम से कम एक कार्यक्रम के माध्यम से भारत को एक उभरती आर्थिक शक्ति के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। निर्यात प्रोत्साहन को जन आंदोलन बनाने के लिए स्थानीय निर्यातकों, निर्माताओं और औद्योगिक इकाइयों को ईपीसी संगठित करेगी। कई केंद्रीय मंत्री और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री/मंत्री इन कार्यक्रमों के दौरान कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे और प्रतिभागियों के साथ संवाद करेंगे।

इसके अलावा, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) भी राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली और औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली जैसे दो कार्यक्रमों का शुभारंभ कर रहा है। यह पहल डिजिटल प्लेटफॉर्म निवेशकों को भारत में व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक विभिन्न पूर्व-संचालन अनुमोदनों की पहचान करने और आवेदन करने की अनुमति देगी। इसके माध्यम से पूर्व-निवेश सलाह, भूमि बैंकों से संबंधित जानकारी और केंद्र और राज्य स्तर पर मंजूरी की सुविधा सहित अंतिम स्तर तक सुविधा और सहायता प्रदान की जाएगी। औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली (आईपीआरएस) सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले पार्कों की पहचान करते हुए निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए निर्णय समर्थन प्रणाली के रूप में कार्य करती है। औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली 2.0 इसके दायरे का विस्तार करेगी और इसका उद्देश्य गुणात्मक मूल्यांकन को प्रायोगिक चरण में और आगे लाना है। आईपीआरएस 2.0 के तहत, इन पार्कों/क्षेत्रों के मूल्यांकन के लिए गुणात्मक संकेतकों की शुरूआत के साथ निजी औद्योगिक पार्कों और एसईजेड सहित औद्योगिक पार्कों का मूल्यांकन 4 स्तंभों अर्थात आंतरिक अवसंरचना और उपयोगिताओं, बाहरी बुनियादी ढांचे और संपर्क, कारोबार सहायता प्रणाली के तहत पहचाने गए मापदंडों और पर्यावरण एवं सुरक्षा प्रबंधन के अंतर्गत किया जा रहा है।

 औद्योगिक गलियारा कार्यक्रम का उद्देश्य देश की विनिर्माण क्षमता और सकल घरेलू उत्पाद में इसके योगदान को बढ़ाने के प्रयासों को पूरा करना है। महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्य अपने राज्य में औद्योगिक गलियारे में हुई प्रगति पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों का आयोजन धोलेरा इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड (डीआईसीडीएल), गुजरात, औरंगाबाद इंडस्ट्रियल टाउनशिप लिमिटेड (एआईटीएल), महाराष्ट्र, डीएमआईसी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल), उत्तर प्रदेश, सीबीआईसी तुमकुरु इंडस्ट्रियल टाउनशिप लिमिटेड, कर्नाटक और एनआईसीडीआईटी कृष्णापट्टनम इंडस्ट्रियल सिटी डेवलपमेंट लिमिटेड, आंध्र प्रदेश और डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड (वीयूएल), मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

डीपीआईआईटी अनुपालन बोझ को कम करने के लिए किए गए कार्यों को प्रद