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हाई लेवल मीटिंग मे सीएम शिवराज के निर्देश : प्यारे मियां यौन शोषण कांड में पीडि़ता की मौत की जांच एसआईटी करेगी

  हाई लेवल मीटिंग मे सीएम शिवराज के निर्देश :  प्यारे मियां यौन शोषण कांड में पीडि़ता की मौत की जांच एसआईटी करेगी

भोपाल । प्यारे मियां यौन शोषण कांड में पीडि़ता की मौत को शिवराज सरकार ने गम्भीरता से लिया है. सरकार मामले की जांच अब एसआईटी से कराएगी. इस बाबत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निवास पर सुबह 11 बजे हाई लेवल मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग मे मुख्य सचिव ईकबाल सिंह बैस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा, सीएम के ओएसडी मकरंद देउसकर, आईजी भोपाल उपेंद्र जैन तथा भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया मौजूद थे। मीटिंग मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह निर्देश दिए है।

 कमलनाथ का निशाना, भांजियाँ कही भी सुरक्षित नहीं

प्यारे मियां यौन शोषण कांड में पीडि़ता की मौत को लेकर पुर्व सीएम कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है. नाथ ने कहा कि बेहद निंदनीय, बेहद शर्मनाक शिवराज सरकार में भांजियाँ कही भी सुरक्षित नहीं ?प्रदेश की राजधानी में यौन शोषण की शिकार मासूम बच्चियाँ बालिका गृह में भी सुरक्षित नहीं ?कितनी अमानवीयता, मृत पीडिता को उसके घर तक नहीं जाने दिया,उससे अपराधियों जैसा व्यवहार ?उसके परिवार को अंतिम रीति- रिवाजों से भी वंचित किया गया, यह कैसी निष्ठुर व्यवस्था ? कहाँ है जि़म्मेदार ? प्रदेश को कितना शर्मशार करेंगे ? मामला बेहद गंभीर, मामले की सीबीआई जाँच हो, बाक़ी बालिकाओं को भी पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जावे, उनके इलाज की भी समुचित व्यवस्था हो। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पलटवार, घटना को राजनीतिक चश्मे से न देखे

मामले को लेकर पुर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के शिवराज सरकार के हमले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पलटवार किया है. शर्मा ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस मामले में सरकार न कभी समझौता करेगी, न पीछे हटेगी। शर्मा ने कहा कि यौन शोषण पीडि़ता बच्ची की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण एवं दुखद घटना है और मामले में जिस तत्परता से मुख्यमंत्री ने एसआईटी जांच की बात कही है, उससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार एक पीडि़त बेटी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पित है। इसलिए इस घटना को राजनीतिक चश्मे से देखने वालों को यह बात याद रखनी चाहिए कि शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने ही देश में पहली बार दुष्कर्मियों को फांसी देने का प्रावधान किया था। इसलिए सरकार की नीयत पर सवाल उठाने का कोई आधार ही नहीं बचता।

अंतिम संस्कार पर उठ रहे सवाल

प्यारे मियां यौन शोषण केस की शिकार नाबालिग की नींद की गोलियां खाने से हुई मौत के बाद गुरुवार को हुए अंतिम संस्कार पर अब सवाल उथ रहे है. बता दे कि नाबालिग का अंतिम संस्कार ठीक उसी तरह किया गया है जिस तरह यूपी के हाथरस दुष्कर्म कांड की पीडि़ता के मामले मे पुलिस-प्रशासन ने संवेदनहीनता दिखाई थी, वैसी ही अमानवीयता भोपाल में भी की गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि वे बेटी का शव घर लाना चाहते थे, उसे अंतिम सम्मान देकर विदा करना चाहते थे, लेकिन उन्हे ऐसा नही करने दिया गया है।