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टूल किट मामले में ख़ुद डॉ. रमन ने भाजपा नेताओं के साथ अपनी गिरफ़्तारी की मांग को लेकर धरना दिया

टूल किट मामले में ख़ुद डॉ. रमन ने भाजपा नेताओं के साथ अपनी गिरफ़्तारी की मांग को लेकर धरना दिया


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय, नेता प्रतिपक्ष कौशिक, विधायक बृजमोहन तथा व प्रदेश प्रवक्ता मूणत के साथ राजधानी के सिविल लाइन थाना पहुँचकर डॉ. रमन ने दो घंटे तक धरना दिया

रायपुर, 24 मई।  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के विरुद्ध टूल किट के मामले में कांग्रेस द्वारा कराई गई एफ़आईआर को लेकर भाजपा प्रदेश इकाई के निर्णयानुसार सोमवार को प्रदेशभर के थानों-चौकियों के सामने 5-5 प्रमुख पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपनी गिरफ़्तारी की मांग को लेकर धरना दिया। भाजपा नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस और उसकी सरकार के अलोकतांत्रिक रवैए का विरोध किया और कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार दबाव और दमन के अपने राजनीतिक चरित्र का परिचय दे रही है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर पूरी ताक़त के साथ अपने नेतृत्व के साथ संघर्ष के लिए तत्पर हैं। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता और प्रदेश सरकार यह अच्छी तरह समझ लें कि भाजपा कार्यकर्ता सत्तावादी दमन और लोकतंत्र-विरोधी ताक़तों से मुक़ाबला करना अच्छी तरह जानते हैं।


भाजपा के आंदोलन के मद्देनज़र सोमवार को स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह अपनी गिरफ़्तारी की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल तथा पूर्व मंत्री व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत के साथ राजधानी के सिविल लाइन्स थाना पहुँचे। अपने निवास मौलश्री विहार से सिविल लाइन छत्तीसगढ़ क्लब के पास पहुँचने के बाद डॉ. सिंह सिविल लाइन्स थाना तक पैदल रवाना हुए। इस दौरान सबसे पहले भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डॉ. सिंह का तिलक-वंदन व आरती कर स्वागत किया। राजभवन से सिविल लाइन्स थाना तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कतारबद्ध खड़े होकर डॉ. सिंह समेत श्री साय, श्री कौशिक, श्री अग्रवाल व श्री मूणत का स्वागत किया। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दुहराया कि टूल किट मामले में अपने षड्यंत्रकारी राजनीतिक चरित्र के बेनक़ाब होने कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार बौखला गई है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि कांग्रेस के नेता सपने में भी यह क़तई न सोचें कि डॉ. रमन सिंह के साथ वह दबाव, दमन और अलोकतांत्रिक आचरण कर लेंगे। पूरी भाजपा अपने नेता डॉ. सिंह के साथ एकजुट होकर खड़ी है और खड़ी रहेगी। लोकप्रियता के ग्राफ़ में आज भी अपनी श्रेष्ठता का प्रदर्शन कर रहे डॉ. सिंह के साथ भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता ज़ेल जाने के लिए तैयार है। डॉ. रमन सिंह को गिरफ़्तार करने से पहले कांग्रेस सरकार को प्रदेश में अपनी ज़ेलों के विस्तार की तैयारी कर लेनी चाहिए। श्री साय ने टूल किट मामले को देश और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विश्व के सामने छवि ख़राब करने की साज़िश क़रार देते हुए कहा कि जब विश्व के साथ पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, लोगों की सेवा करने की जगह कांग्रेस टूल किट जैसी साज़िश रच रही है। इस साज़िश का नतीजा है कि कोरोना वायरस के वैरियंट को इंडियन वेरियंट और मोदी वायरस जैसे घोर आपत्तिजनक नाम देकर सोशल मिडिया में वायरल किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि टूल किट बनाकर कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कुंभ स्नान जैसे पवित्र धार्मिक आयोजन को कोरोना का सुपर स्प्रेडर बताकर बदनाम किया जा रहा है। अगर देश हित के ख़िलाफ़ रची गई इस साज़िश को जनता के सामने लाना अपराध है तो सरकार को हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं कोगिरफ़्तार करना होगा। पूर्व मंत्री व विधायक श्री अग्रवाल ने कहा कि जिस ट्वीट के कारण पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पात्रा के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की गई है, भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं के साथ हमने भी वह ट्वीट किया है। अब अगर प्रदेश सरकार में राजनीतिक साहस है, तो हमें भी गिरफ़्तार करे। पूर्व मंत्री व प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेश मूणत ने कहा कि जब हमारे नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है तो हम स्वीकार करते हैं कि हमने भी उसे रिट्वीट किया है प्रदेश सरकार हमें गिरफ़्तार करे अन्यथा उनके ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर वापस ली जाए।

 डॉ. सिंह ने नोटिस का ज़वाब दिया, फिर दुहराया- आपदा के समय भी कांग्रेस टूलकिट के माध्यम से सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाकर जनता को दिग्भ्रमित कर अराजकता फैलाने का दुष्कृत्य कर रही

सिविल लाइन्स थाना पर दो घंटे तक धरना देने के बाद मध्याह्न 12.30 बजे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अपने निवास मौलश्री विहार में सिविल लाइन्स थाना के पुलिस अमले को उस नोटिस का ज़वाब दिया जो टूल किट मामले में ट्वीट करने पर डॉ. सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के बाद दी गई थी। डॉ. सिंह ने नोटिस के ज़वाब में कहा कि सजगता और स्वच्छ छवि के साथ काम करने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस पिछले 02 वर्षों में अपने राजनीतिक आकाओं को प्रसन्न करने के लिए एक के बाद एक झूठी, राजनीतिक एवं व्यक्तिगत विद्वेषपूर्ण एफ़आईआर दर्ज कर रही है, जिस पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा समय-समय पर हस्तक्षेप कर रोक लगाई गई है। डॉ. सिंह ने अपने लिखित ज़वाब में कहा कि वर्तमान समय में जब देश कोविड-19 जैसी आपदा से जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी इस विपदा को भी अपने स्वार्थ एवं राजनीतिक हित के अवसर के रूप में प्रयोग करते हुए आम जनता को विभिन्न प्रकार से दिग्भ्रमित कर रही है। कांग्रेस का दायित्व है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर जनसामान्य को आपदा से राहत दिलाने के लिए कार्य करे किन्तु इसके सर्वथा विपरीत कांग्रेस सुनियोजित षड्यंत्र कर कार्यकर्ताओं को भारत सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को बाधित व बदनाम करने के लिए निर्देशित कर रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि इससे अत्यन्त दुःखी एवं व्यथित होकर टि्वटर पर उन्होंने जो संदेश प्रसारित किया, उसका उद्देश्य सत्य को सामने लाना और जनसामान्य में उत्पन्न भ्रान्ति को दूर करना था।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने नोटिस के जवाब में कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा एक बार फिर सरकार के दबाव में आधारहीन एफ़आईआर दर्ज की गई है जिसमें प्रथमदृष्ट्या कोई आपराधिक मामला प्रदर्शित नहीं होता है क्योंकि हम विधि को मानने वाले नागरिक हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि उनके टि्वटर एकाउण्ट में व्यक्तिगत जानकारियाँ हैं, अतः पुलिस द्वारा मेरे टि्वटर अकाउण्ट की चाही गई एक्सेस विधिक एवं संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है और उससे निजता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। 18 मई, 2021 को उनके ट्वीट में उनके व्यक्तिगत विचारों के साथ संलग्न दस्तावेज़ ट्वीट करने के पूर्व से हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होकर प्रसारित हो रहे हैं। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि 18 मई को उनके द्वारा किया गया सन्दर्भित ट्वीट उनके विचारों की अभिव्यक्ति है। ऐसे समय में, जब राष्ट्र कोविड-19 जैसी महामारी से जूझ रहा है, कांग्रेस टूल किट के माध्यम से सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाकर जनता को दिग्भ्रमित कर अराजकता फैलाने का दुष्कृत्य कर रही है। डॉ. सिंह ने अपने ज़वाब में कहा कि आधारहीन एफ़आईआर के माध्यम से उनके अभिव्यक्ति के अधिकार के हनन और उनकी आवाज को दबाने का जो प्रयास किया जा रहा है वह निहायत ही असंवैधानिक और निन्दनीय है। पुलिस द्वारा जल्दबाजी में दबाववश शिकायतकर्ता का कथन दर्ज किये बिना एवं शिकायत की सत्यता को परखे बिना ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डॉ. सिंह ने कहा कि जिस प्रकार के प्रश्न उनसे पूछे गए हैं, उससे प्रदर्शित होता है कि यह पूरी कार्यवाही कांग्रेस की झूठी साख को बचाने के लिए पुलिस की शक्तियों का दुरुपयोग करके की गई है। उक्त एफ़आईआर उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रताड़ित कर डराने और उनकी आवाज को दबाकर राजनीतिक द्वेष से उनकी छबि को धूमिल करने के लिए की गई है।