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ब्रेकिंग : राज्य की जेलों से अब तक 604 कैदी रिहा.. कुछ को अंतरिम, कुछ को नियमित जमानत पर छोड़ा गया..डीआईजी के के गुप्ता के मुताबिक कैदियों का टीकाकरण जारी

ब्रेकिंग : राज्य की जेलों से अब तक 604 कैदी रिहा.. कुछ को अंतरिम, कुछ को नियमित जमानत पर छोड़ा गया..डीआईजी के के गुप्ता के मुताबिक कैदियों का टीकाकरण जारी


अनिल द्विवेदी

रायपुर. कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हाईकोर्ट बिलासपुर द्वारा दिये गए आदेश पर राज्य की जेलों से बंदियों को छोड़ने की शुरूआत हो चुकी है. इनमें कुछ को अंतरिम जमानत और कुछ नियमित जमानत पर छोड़ा गया है. दंतेवाड़ा तथा सारंगढ़ उपजेल से एक भी कैदी रिहा नही हो सका लेकिन प्र​क्रिया जारी है.

छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. सलाखों के पीछे भी कोरोना संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं जिसे देखते हुए हाईकोर्ट ने कुछ ताजा निर्देश दिए और एक हाईपावर कमेटी गठित की जिसकी सिफारिश मिलने के बाद राज्य की जेलों से कैदियों को रिहा किया जाने लगा है. छोड़ने की प्रक्रिया चल रही है.

जानते चलें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले दिनों कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत में कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया था. चंद दिनों पहले हाईकोर्ट जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की मीटिंग में यह फैसला लिया गया था कि पहले चरण में करीब 3 हजार कैदियों की रिहाई हो सकती है.

जेल डीआईजी के के गुप्ता ने बताया कि पूरे प्रदेश में अब तक अंतरिम जमानत 391 लोगों की दी गई है जबकि नियिमत जमानत पर 212 लोग छोड़े गए हैं. तथा एक दंडित कैदी को छोड़ा गया है इस तरह कुल 604 कैदियों को रिहा किया गया है. सबसे ज्यादा केंद्रीय जेल रायपुर से 185 कैदियों को रिहा किया गया. दंतेवाड़ा तथा सारंगढ़ उपजेल से एक भी कैदी रिहा नही हो सका है.

जेल विभाग ने स्पष्ट किया है कि दंडित बंदियों को पैरोल सामान्य एवं पश्चावर्ती छुटटी के साथ छोड़े जाने हेतु बंदी छग संशोधन अधिनियम 1985 तथा छत्तीसगढ़ बंदी छुटटी नियम 1989 के तहत पात्रता रखने वाले दंडित बंदियों के प्रकरण तैयार करवाकर संबंधित सक्षम प्राधिकारी की ओर भेजे जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है.

मालूम होवे कि छत्तीसगढ़ की जेलों में टीकाकरण अभियान भी चलाया गया. जिला स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम ने केंद्रीय जेल रायपुर में 60 कैदियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाया. 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले कैदियों को को-वैक्‍सीन का प्रथम डोज दिया गया है.