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शिक्षा और आर्थिक स्वालंबन से ही महिला सशक्तिकरण संभव

शिक्षा और आर्थिक स्वालंबन से ही महिला सशक्तिकरण संभव

रायपुर, 29 अक्टूबर। शासकीय दुधाधारी बजरंग गर्ल्स पोस्ट-ग्रेजुएट ऑटोनोमस कॉलेज रायपुर में Employability Skill Enhancement पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से 30 घंटे का वैल्यू एडिट प्रोग्राम श्रृखंला में आयोजित वेवीनार में छत्तीसगढ़ में रोजगार और स्वरोजगार दशा और दिशा पर बोलते हुए मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त अपर संचालक जनसंपर्क एवं आज की जनधारा समाचार पत्र समूह  के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र ने छत्तीसगढ़ में रोजगार और स्वरोजगार दशा और दिशा के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को बताया कि शिक्षा के साथ-साथ हर व्यवसाय के लिए डिजिटलीकरण कितना महत्वपूर्ण है। आने वाला समय डिजिटल का है, इसलिए हमें पहले से ही भविष्य के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने दुनिया में आ रहे बदलावों के महत्व पर प्रकाश डाला। 


सुभाष मिश्र ने कहा की शिक्षा और आर्थिक स्वालंबन से ही महिला सशक्तिकरण संभव है । 

डीबी गर्ल्स पोस्ट-ग्रेजुएट ऑटोनोमस कॉलेज की डॉ. शीला श्रीधर ने इस वेबिनार का संयोजन किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे ऐसी नवीनतम तकनीक अपनाएं जो भविष्य में उन्हें मदद करें। उन्होंने नए रोजगार के अवसरों और छात्रों को भविष्य के लिए तैयार होने की प्लानिंग के बारे बताया। उन्होंने बताया कि इस बेविनार में सभी अंतिम वर्ष के छात्राएं जुड़ी। जिसमें बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम, बीए होमसाइंस फाइनल की छात्राओं को Employability Skill Enhancement प्रोग्राम के तहत छत्तीसगढ़ में रोजगार और स्वरोजगार दशा और दिशा की क्या स्थिति है के बारे में बताया गया। इस वेबिनार में लड़कियों के रोजगार के अवसर , प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें, कैरियर कैसे चुने, पढाई के साथ-साथ जॉब या काम करते हुए कैसे तैयारी करें इस पर चर्चा की गई। 

सुभाष मिश्र ने कहा कि मैन और मशीन की जुगलबंदी कामकाज और भूमिकाओं को नए सिरे से परिभाषित करेगी। नई शिक्षा नीति-2020 भी कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करेगी और युवाओं को भविष्य के लिए तैयार होने में सशक्त बनाएगी। इससे ना केवल स्टूडेंट्स को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा, बल्कि उन्हें नौकरी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। श्री मिश्र ने राज्य में नगर से लेकर ग्रामीण तक रोजगार के क्या संभावनाएं हैं एव उनके अवसर के बारे में बताया। बड़ी, पापड़, आचार बनाकर भी रोजगार के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। इससे हमारे साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार मिलता है। उन्होंने अलग अलग फील्ड की जानकारी जैसे ब्यूटीपार्लर, मशरूम उत्पादन, टिकिट ब्रिकी करना, कोचिंग देकर, स्कूली बच्चों को पढ़ाकर, डांस क्लास, म्यूजिक क्लास आदि के बारे में बताया। उन्होंने निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर को लेकर मीडिया :  इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया, मार्केटिंग, बीमा क्षेत्र :  एजेंट , सलाहकार,  हॉस्पिटल :  नर्स , डॉक्टर, वार्ड बॉय, शिक्षा:   प्राइवेट स्कूल कॉलेजो में शिक्षक , प्रोफेसर, हॉस्पिटलेटी :  होटल और पर्यटन, निजी उद्योग : कोयला , लोहा , सीमेंट उद्योग ,  वकालत , ई - कॉमर्स , रिटेल सेक्टर :  मॉल , सर्विस सेंटर , कॉल सेंटर आदि, डीलीवरी बॉय , डीलीवरी गर्ल के बारे में बताया। 

श्री मिश्र ने स्वरोजगार के अवसर के तहत शासन के ऋण योजना : मुद्रा योजना , प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम , मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम , स्टार्टअप, जैविक खेती,  उद्यानकी, पशुपालन, मछलीपालन, लघु वनोपज से संबंधित कार्य, स्वयं का व्यवसाय , दुकान, उच्च शिक्षा के लिए शासन के शिक्षा ऋण योजना ।

उन्होंने कोरोना काल में रोजगार की संभावनाएं को लेकर भी छात्राओं की जिज्ञासाओं को दूर करते हुए कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन का चलन काफी बढ़ गया है इसलिए घर बैठे भी आनलाइन बिजनेस किया जा सकता है। आनलाइन आप पढ़ा सकते हैं जो आज के संदर्भ में काफी महत्व रखता है। 

यूजीसी द्वारा वैल्यू एडिट प्रोग्राम के तहत छत्तीसगढ़ का पहला प्रोग्राम था जिसमें डीबी गर्ल्स कालेज का चयन किया गया था। इस बेविनार से जुड़कर सभी छात्राओं ने अच्छा अनुभव प्राप्त किया।