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कोविड-19 के खौफ से समस्त बीजापुर जिले में 31 मार्च तक पूर्णतः तालाबंदी, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

कोविड-19 के  खौफ से  समस्त  बीजापुर जिले  में 31 मार्च तक पूर्णतः तालाबंदी, कलेक्टर ने जारी किया आदेश


बीजापुर।  कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी  कुंजाम ने आदेश जारी कर बीजापुर जिले के समस्त सीमाक्षेत्र में 31 मार्च तक पूर्णतः तालाबंदी (लाकडाउन) करने का आदेश जारी किया है। आदेश में उल्लेखित है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) एक संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी से भारत समेत पूरे विश्व के देशों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तथ्य परिलक्षित है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के सम्पर्क से पीड़ित, संदेही से दूर रहने की सख्त हिदायत है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा यह निर्देशित किया गया है कि इससे बचने के सभी संभावित उपाय अमल में लाया जाए। अतः कोविड-19 के संभाव्य प्रसार को देखते हुए इसके प्रसार रोकने के लिए कड़े सामाजिक अलगाव के उपयोग को अपनाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में आदेश प्रसारित किए गए हैं।

महामारी रोग अधिनियम, 1897 के संदर्भ में शासन द्वारा जारी पत्र  अंतर्गत दिए गए शक्तियों का प्रयोग करते हुए बीजापुर जिले के समस्त सीमा क्षेत्र के अंतर्गत संक्रमण से बचाव एवं स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु दिनांक 31 मार्च 2020 रात्रि 12 बजे तक पूर्णतया तालाबंदी (लाॅकडाउन) की जाती है एवं इस क्रम में बीजापुर जिले के समस्त सीमा क्षेत्र के अंतर्गत निम्नांकित गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से दिनांक 31 मार्च 2020 रात्रि 12  बजे तक रोक लगाई जाती है।

जिले में समस्त सार्वजनिक परिवहन सेवायें, जिसमें निजी बसें, टैक्सी, आॅटो-रिक्शा, बसें, रिक्शा, ई-रिक्शा इत्यादि भी शामिल हैं के परिचालन को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है। केवल इमरजेंसी मेडिकल सेवा वाले व्यक्तियों को वाहन द्वारा आवागमन की अनुमति रहेगी। ऐसी निजी वाहन जो इस आदेश के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं/सेवाओं के उत्पादन एवं उनके परिवहन का कार्य कर रहे हों, उन्हें भी अपवादिक स्थिति में तात्कालिक आवश्यकताओं को देखते हुए परिवहन की छूट रहेगी।

आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के आवागमन को छोड़कर जिले के सभी सीमाओं को एतद् द्वारा सील किया जाता है। किसी भी माध्यम (सड़क, रेल एवं अन्य माध्यम) से जिले में बाहरी लोगों के आवागमन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है। अन्तर जिला बस के परिवहन को भी तत्काल प्रभाव से बंद किया जाता है। बीजापुर जिले में निवासरत नागरिकों को भी जिले के सीमा से बाहर जाने पर प्रतिबंधित किया गया है।

सभी प्रकार के निर्माण एवं श्रम कार्य (सिर्फ मनरेगा को छोड़कर) तत्काल प्रभाव से स्थगित करेंगे। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे।

विदेश से आने वाले सभी नागरिक/अन्य राज्यों से आए हुए नागरिक जो होम क्वारेंटाइन की निगरानी में रखे गए हैं, उन्हें यह निर्देशित किया जाता है कि वे स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निर्धारित क्वारेंटाइन की अवधि का कड़ाई से पालन करेंगे। इसमें किसी प्रकार की चूक होने पर उनके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के धारा 188 के तहत कार्यवाही की जावेगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

सभी नागरिक अपने घर में ही रहेंगे। बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करेंगे। किसी भी स्थिति में एक से अधिक व्यक्तियों (इसमें ड्रायवर भी शामिल है) को घर से बाहर जाने से प्रतिबंधित किया जाता है। घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्यतः अपना वैध पहचान पत्र साथ में रखना होगा।

आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले निम्नलिखित कार्यालय/प्रतिष्ठान को उपरोक्त प्रतिबंधों से बाहर रखा  जाता है-आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर/) कोषालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, थाना एवं चौकी। ये सभी कार्यालय आम जनता के लिए बंद रहेंगे। 

भारत के अधीनस्थ केन्द्रीय कार्यालय,  कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी, स्वास्थ्य सेवायें (जिसके अंतर्गत सभी अस्पताल, मेडिकल कालेज, लायसेंस प्राप्त पंजीकृत क्लीनिक भी शामिल है), दवा दुकान, चश्मे की दूकान एवं दवा उत्पादन की इकाई एवं संबंधित परिवहन, खा़द्य आपूर्ति से संबंधित परिवहन सेवायें, उचित मूल्य की दुकान (सार्वजनिक वितरण प्रणाली), खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, दूध, ब्रेड, फल एवं सब्जी चिकन, मटन, मछली एवं अंडा के विक्रय/वितरण/भंडारण/परिवहन की गतिविधियां,  दुग्ध संयंत्र (मिल्क प्लांट), घर पर जाकर दूध बांटने वाले दूध विक्रेता एवं न्यूज पेपर हाॅकर प्रातः 6ः30 बजे से 9ः30 बजे तक लाॅकडाउन से मुक्त रहेंगे। 


उपर्युक्त आदेश के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठान, भारतीय दंड संहिता, 1860 के धारा 188 के तहत दण्डनीय होंगे। उपर्युक्त वर्णित गतिविधियो में संशय होने पर जिला दण्डाधिकारी का निर्णय अंतिम होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू  हो!




चंद्र शेखर अग्रवाल 

आज की जनधारा