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महापौर एजाज ढेबर का सराहनीय फैसला, बाग.बगीचों में मोबाइल टाॅवर नही लगेंगे, इससे नागरिकों में रेडिएशन बढ़ने का खतरा, एमआईसी ने खारिज किया प्रस्ताव,

महापौर एजाज ढेबर का सराहनीय फैसला, बाग.बगीचों में मोबाइल टाॅवर नही लगेंगे, इससे नागरिकों में रेडिएशन बढ़ने का खतरा, एमआईसी ने खारिज किया प्रस्ताव,

रायपुर. महापौर एजाज ढेबर ने जनहित में एक बड़ा फैसला करते हुए मोबाइल कंपनियों द्वारा बाग बगीचों में टावर लगाने के प्रस्ताव को मेयर ने खारिज कर दिया है. मेयर का तर्क है कि इससे नागरिकों में रेडिएशन बढ़ने का खतरा है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.

इसके बाद एमआईसी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. महापौर एजाज ढेबर ने शहर के बगीचों में मोबाइल टाॅवर लगाने संबंधी प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उद्यानों में लोग अपनी सेहत बनाने के लिए आते हैं। यदि वहां मोबाइल टाॅवर लगा दिया जाए तो रेडिएशन का खतरा रहेगा। नगर निगम का राजस्व बढ़ाने आम जनता की सेहत दांव पर नहीं लगने देंगे।

पिछले एक साल से रायपुर में कहीं भी नए टॉवर लगाने की स्वीकृति नहीं दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार चर्चा में सहमति व्यक्त की गई। सबसे पहले निगम के भवनों और डिवाइडर पर मोबाइल टाॅवर लगवाए जाएं। वहीं बगीचों में मोबाइल टाॅवर लगाने के प्रस्ताव को एमआईसी ने खारिज कर दिया।

हालांकि एक नये फैसले में पानी के ठेकेदारों ने प्रति टैंकर 55 रूपये किराया बढ़ा दिया है. नगर निगम ने पानी सप्लाई करने का टारगेट 50 लाख रखा है.

सूत्रों ने बताया कि शहर की जनता की प्यास बुझाने इस साल भी गर्मी में सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इस सीजन में ठेकेदारों ने टैंकर किराया बढ़ा दिया है जिससे 50 रुपए प्रति चक्कर टैंकर का किराया बीते साल की तुलना में इस बार अधिक लगेगा यानी 395 रुपए में पानी ढोने वाला टैंकर अब 450 रुपए में पड़ेगा. इसका पूरा भुगतान नगर निगम खुद उठाएगा.

हालांकि नगर निगम ने पानी सप्लाई करने का टारगेट 50 लाख रुपए रखा है। दरअसल शहर की झुग्गी बस्तियों और ऐसे रिहाइशी इलाकाें में जहां गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत होती है वहां नगर निगम द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। विभागीय टैंकर के अलावा हर साल लाखों रुपए खर्च कर किराए पर टैंकर लिए जाते हैं। इस बार उम्मीद थी कि टैंकर के माध्यम से पानी सप्लाई की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन सरकारी सिस्टम ने इस मंसूबे पर पानी फेर दिया। इस बार भी 50 लाख रुपए खर्च कर लोगों की प्यास बुझाई जाएगी।