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एम्स प्रशासन द्वारा फ़ार्मासिस्ट का काम वार्ड ब्वाय-नर्स से करा रहे हैं

एम्स प्रशासन द्वारा फ़ार्मासिस्ट का काम वार्ड ब्वाय-नर्स से करा रहे हैं


फार्मासिस्ट एसोसिशन ने एम्स प्रबंधन पर मरीजों के जीवन से खेलने का आरोप लगाया


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से हस्तक्षेप करने की मांग

रायपुरl केंद्र सरकार द्वारा टाटीबंध रायपुर में संचालित प्रदेश के एकमात्र हॉस्पिटल एम्स के प्रशासन द्वारा फार्मासिस्ट का महत्वपूर्ण कार्य नर्स और वार्ड के सहायक अयोग्य कर्मचारियों से कराए जाने को लेकर इंडियन फ़ार्मासिस्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ द्वारा लगातार विरोध जताए जाने के बावजूद एम्स प्रशासन द्वारा मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने पर आज प्रातः 9 बजे निर्धारित कार्यक्रम के तहत फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राज्य समन्वयक वैभव शास्त्री,अध्यक्ष डॉ विनोद वर्मा और सचिव राहुल वर्मा के नेतृत्व में एम्स हॉस्पिटल परिसर में निदेशक कार्यालय के समक्ष पोस्टर लेकर मौन प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस प्रदर्शन में तरुण कुमार त्रिपाठी,सूरज प्रतापसिंह ठाकुर,वन्दना देवांगन,योगेश्वरचंद राम,मनोजकुमार साहू, गायत्री वर्मा,संदीप चन्द्राकर, भूपेंद्र कौशिक,डॉ खोमेंन्द्र सार्वा,प्रशांत तिवारी,रामसजीवन साहू,प्रकाश राव,विजेन्द्र सूर्यवंशी, पियूष जायसवाल, दीपक बिश्वास,डॉ कंट्रोल साहू,अजयसिंह राजपूत,अविनेश चन्द्राकर, तथा दुर्गाप्रसाद गुप्ता आदि शामिल रहे।


 इस अवसर पर फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ विनोद वर्मा और सचिव राहुल वर्मा ने सभी फ़ार्मासिस्ट को अपने अधिकार के लिए आगे आने जागरूक बनने का आव्हान किया और एम्स प्रशासन के कारगुजारियों से प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराने की बात कही है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदर्शन का स्वास्थ्य चेतना विकास समिति छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं प्रदेश महामंत्री डॉ एस के जुवेल ने समर्थन किया है और एम्स प्रशासन से एसोसिएशन की मांगों को संज्ञान में लेकर जनहित में त्वरित कार्यवाही करने को कहा है।

        उन्होंने जारी विज्ञप्ति में बताया है कि यह आश्चर्य जनक बात है कि एम्स हास्पिटल के खुलने 9 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एम्स प्रशासन के लापरवाही के कारण एक भी नियमित फार्मासिस्ट की नियुक्ति नही की गई हैं और फार्मासिस्ट के रिक्त पदों को भरने के लिये कभी विज्ञापन जारी किया गया इसकी जानकारी नही है। केवल संविदा के आधार फार्मासिस्ट की नियुक्तियां कर उनका शोषण कर रहे हैं और एम्स प्रशासन के विरोध में आवाज उठाने वालों को सेवामुक्त कर बेरोजगार कर दिया जा रहा है।

       जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में करीब 20 हजार से अधिक पंजीकृत फार्मासिस्ट बेरोजगार बैठे हुये है,उन्हें नियुक्ति कर छत्तीसगढ़ के बेरोजगार को अवसर देने की एम्स प्रबंधन के पास कोई योजना नहीं है।

 *जारी विज्ञप्ति में एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राज्य के हित मे हस्तक्षेप करने मांग की है।*