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अनुकम्पा नियुक्ति में स्कूल शिक्षा विभाग का कार्य सराहनीय अन्य विभाग भी तेजी से पहल करें...

अनुकम्पा नियुक्ति में स्कूल शिक्षा विभाग का कार्य सराहनीय अन्य विभाग भी तेजी से पहल करें...


मुख्यमंत्री से अनुकम्पा नियुक्ति में सीधी भर्ती के नियम को हटाकर पूर्व की भांति परिवीक्षा अवधि में निश्चित वेतन देने की मांग किया

रायपुर, 8 जून। छत्तीसगढ़ राज्य में विगत 5 वर्षों से 10% रिक्त पदों पर ही अनुकम्पा नियुक्ति देने के रोड़ा को राज्य शासन ने हटाकर मृत शासकीय सेवको के पेन्शनर परिवार को बड़ी राहत देकर अनुकरणीय कार्य किया है और इस सीलिंग के हटने के बाद लगातार विभिन्न विभागों में अनुकम्पा देने के आदेश जारी हो रहे हैं।परन्तु अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी करने में स्कूल शिक्षा विभाग सबसे आगे चल रहा है और पता चला है कि 10% प्रतिशत के बन्धन हटाये जाने के बाद केवल 15 दिनों में ही 700 से अधिक पात्र लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति देकर पेंशनभोगी परिवार में उत्साह का संचार कर खुशी का माहौल पैदा कर दिया है। 

  त्वरित गति से बिना मीन- मेख के पात्र लोगो को अनुकम्पा नियुक्ति देने लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की तत्परतापूर्ण मार्गदर्शन, जिला शिक्षा अधिकारियों की संवेदनशीलता और कर्मचारियों की कार्यकुशलता की छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने सराहना की है और अन्य विभागों को भी त्वरित गति से पहल कर अनुकम्पा नियुक्ति आदेश तत्परता से जारी करने की मांग की है।

उन्होंने आगे बताया है कि कई विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों में जानबूझकर देरी करने के सूचना मिल रही है, प्रकरण के निपटारे में कमी-बेसी बताकर टालमटोल किया जा रहा है और अनुकम्पा नियुक्ति के पात्र पेंशनर परिवार के सदस्य को जल्दी क्या है अभी साल भर का समय है, चिन्ता मत करो, हो जायेगा जैसे शब्दों का प्रयोग कर बहलाया- टरकाया जा रहा है।जो उचित नही है, पेन्शनर फेडरेशन ने सभी विभागों के विभाग प्रमुख और जिला प्रमुखों से आग्रह किया है कि सरकार के मंशा अनुरूप लंबित सभी अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों शीघ्रता से निपटारा करने में संवेदनशीलता के साथ रुचि लेकर पीड़ित ओर दुखी पेन्शनर परिवार को राहत प्रदानकरें।

उन्होंने आगे बताया है कि अधिकरियों ने अदूरदर्शितापूर्ण निर्णय लेकर बिना किसी लिखित आदेश के अनुकम्पा नियुक्ति में सीधी भरती देने के 3 वर्ष के परिवीक्षा अवधि नियम को लागू कर तीन वर्षों तक निश्चित वेतन देने के जगह निश्चित प्रतिशत में स्टायफण्ड देने के आदेश जारी कर रहे हैं। इसे तुरन्त संज्ञान में लेकर अनुकम्पा नियुक्ति आदेश से इसे हटाने  की मांग पेन्शनर फेडरेशन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है।

छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े संगठन क्रमशः भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यसवंत देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, तथा गंगाप्रसाद साहू , डॉ व्ही व्ही भसीन, सी एस पांडेय,डॉ पी आर धृतलहरे, व्ही टी कराडे,लोचन पांडेय, डॉ वाई सी शर्मा,विद्या देवी साहू , यू के चौरसिया,डी के त्रिपाठी, सी एल दुबे,शरद अग्रवाल,गायत्री गोस्वामी, जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला, ज्ञानचंद पारपियानी,बी डी उपाध्याय, राकेश श्रीवास्तव, एन एच खान,द्रोपदी यादव,डॉ एस पी वैश्य,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी ,कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी,तीरथ यादव,रमेश नन्दे, प्रदीप सोनी,,असीमा कुंडू , आशा वैष्णव,पी एल टण्डन,रोजलिया लकड़ा,एल एन साहू,अशोक जैन,अरुण दुबे,राजेश्वर राव भोसले,वन्दना दत्ता,श्रीमती बसन्त नामदेव,अनूपनाथ योगी,गिरीश उपाध्याय,जे आर सोनी, रवि पाटकर, सुरेन्द्र नामदेव,अनिल शर्मा,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव,वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे,गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमिचन्द मिश्रा,एस के चिलमवार,बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता,द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट,विजय शंकर दुबे,सुभाष गायकवाड़,प्रभुदयाल पटवा,रामकुमार थवाईत,रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर,के एन कश्यप,के के बंछोर मोहन अग्रवाल, श्यामलाल चौहान,प्रेमचन्द जैरथ,भागीरथी डनसेना,टीकम मिश्रा, महावीर प्रसाद राठौर, बी एस नागेश,पालूराम सारथी,दुलीचन्द देवांगन,शिवशंकर यादव,अक्षय मिश्रा,डीआर साहू,जे डी महंत,के पी पटेल, हीरालाल हरदिहा आदि ने अनुकम्पा नियुक्ति देने में रिक्त पदों में 10% बन्धन को हटाकर सराहनीय कार्य पर आभार जताया है।