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सरकार की छवि धूमिल करने तो कोई साज़िश नहीं हो रही -शिवसेना

सरकार की छवि धूमिल करने तो कोई साज़िश नहीं हो रही  -शिवसेना

जगदलपुर, 20 मई। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिवसेना प्रदेश कार्यसमिति की आपात बैठक आयोजित की गई है। बस्तर में बीते दिनों हुए घटना की वीडियो को आधार बना के बस्तरियों की पीड़ा से राज्य सरकार को अवगत करने का निर्णय लिया गया है।

दक्षिण बस्तर में केंद्रीय सुरक्षा बलों के शिविर का जहां स्थानीय वनवासियों द्वारा विरोध किया जा रहा है ऐसे समय वहां हुई मौत पर राज्य सरकार को जांच कमेठी गठित कर संज्ञान लेना चाहिए.. घटना की वास्तविकता क्या है.. क्या वाक़ई ग्रामीण आक्रोशित हुए थे या उन्हें उकसाया गया था? ऐसे बातों पर गौर करना चाहिए। ऐसी मंत्रणा इस बैठक के दौरान की गई।  

शिवसेना द्वारा राज्य सरकार को सुझाव दिया गया हैकि उन्हें गम्भीरता से यह ध्यान देना चाहिये कि स्थानीय निवासियों व ग्रामीणों को पुलिस शिविर के विषय मे सही जानकारी दिया जावे। यह भी ध्यान रखना होगा कि पुलिस द्वारा ग्रामीणों को रक्षा व सुरक्षा की संपूर्ण जिम्मेदारी हो और इस विषय पर नक्सलियों को लाभ न मिलें। किसी भी प्रकार से ग्रामीणों पर यदि बेवज़ह किसी तरह की कार्यवाही होती है तब नक्सलवाद को बढ़ावा मिलेगा, जिस पर शिवसेना ने सरकार से विशेष तौर पर संज्ञान लेने अपील किया है।    

जिन ग्रामीणों को नक्सलवादी बताते हुए कार्यवाही की गई है, ऐसे मामले में जांच कमेठी गठित करते हुए और पीड़तों के साथ न्याय हो ऐसा कार्य करना ही उचित होगा। सरकार की छवि धूमिल करने के लिए किसी तरह की कोई साज़िश तो नहीं रची जा रही है इस तऱफ भी ध्यान देना होगा।

शिवसेना द्वारा जारी बयान में कहा गया हैकि विगत दिनों हुए घटना में 23 जवानों के शहीद हो जाने और एक जवान को अपहरण कर लिए जाने के बाद कुशल वापसी भी किरकिरी की वजह हो सकती है। शिवसेना द्वारा सरकार से अपेक्षा की गई हैकि किसी भी तरह से बस्तर वासियों के साथ ना ही कोई अन्याय हो और निर्दोषों पर कार्यवाही भी ना हो। शिवसेना प्रदेश कार्यालय में प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार जी के उपस्थिति में उक्त बैठक संपन्न हुई। इस दौरान प्रदेश कार्यकारणी अध्यक्ष मधुकर पाण्डेय्, प्रदेश महासचिव रेशम जांगड़े, सुनील कुमार झा व राकेश श्रीवास्तव सहित प्रदेश प्रवक्ता विक्की शर्मा उपस्थित रहें।