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राजभर ने जिन्ना की तारीफ में पढ़े कसीदे कहा -जिन्ना को प्रधानमंत्री बना दिया होता तो देश का बंटवारा न होता

 राजभर ने जिन्ना की तारीफ में पढ़े कसीदे कहा -जिन्ना को प्रधानमंत्री बना दिया होता तो देश का बंटवारा न होता

वाराणसी। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भारत विभाजन के लिये जिम्मेदार माने गये पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का यशगान किया है।

राजभर ने बुधवार को यहां कहा कि जिन्ना को अगर देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया होता तो देश का बंटवारा ही नहीं होता। इतना ही नहीं राजभर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी जिन्ना का प्रशंसक बता दिया। आगामी विधानसभा चुनाव के लिये राजभर ने हाल ही में सपा के साथ गठबंधन का ऐलान किया है।

संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ''जरा सोचिये अटल  और आडवाणी जी भी जिन्ना के विचारों की प्रशंसा क्यों करते थे। इसीलिये मेरा मानना है कि जिन्ना को अगर देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया होता तो देश का बंटवारा ही नहीं होता।''

उल्लेखनीय है कि हाल ही में अखिलेश ने भी जिन्ना की तारीफ करते हुये कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार पटेल और पं नेहरू की तरह ही अहम भूमिका निभायी थी। विरोधी दलों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये नेताओं के जिन्ना प्रेम को चुनावी लाभ के लिये धार्मिक तुष्टीकरण की राजनीति का परिणाम बताया था।

अखिलेश यादव आतंकवादियों का मददगार

इस बयान के बाद अखिलेश यादव भाजपा के निशाने पर आ गए थे. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अखिलेश यादव को आतंकवादियों का मददगार तक बता दिया था. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बयान को 'शर्मनाक' और 'तालिबानी मानसिकता' वाला बताया. इसके साथ ही सीएम योगी ने अखिलेश से माफी मांगने की बात भी कही थी.

सपा के साथ गठबंधन का ऐलान

जब इस बारे में और सवाल पूछे गए, तो वे भड़क गए. उन्होंने कहा, जिन्ना के अलावा आप लोग महंगाई का सवाल क्यों नहीं पूछते. यह सारा कुछ भारतीय जनता पार्टी की वजह से हो रहा है. भारतीय जनता पार्टी से हिंदू मुसलमान और भारत-पाकिस्तान हटा दीजिए तो उनकी जुबान बंद हो जाती है. 

दरअसल, राजभर की पार्टी ने अखिलेश यादव की पार्टी सपा के साथ गठबंधन का ऐलान किया है. आगामी चुनाव में दोनों पार्टियां साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी. हालांकि, अभी सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला नहीं हुआ है.