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पन्ना जिले में किसान ने की आत्महत्या - परिजनों ने की पुष्टि

पन्ना जिले में किसान ने की आत्महत्या - परिजनों ने की पुष्टि


पन्ना 26 दिसंबर।   मध्य प्रदेश की सरकार खुद को भले ही किसानों की हितैषी सरकार बताने का दावा कर रही हो पर आज भी पन्ना जिले का किसान कर्ज तले इतना दबा है कि वह आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है । ताजा मामला अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरकोला से निकल कर सामने आया यहां के किसान राम सिंह लोधी ने कर्ज के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली लेकिन मामला और भी संगीन हो गया जब प्रशासन ने इसकी मौत महज आत्महत्या बताते हुए एक प्रेस नोट जारी कर दिया।

लेकिन तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलती जब इनसाइट टीवी के संवाददाता ग्राउंड जीरो पर पहुंचे तो मामला वास्तव में कर्ज में डूबे किसान की आत्महत्या का था। अजयगढ़ के ग्राम बरकोला में रात में आग ताप रहे यह लोग दरअसल उस किसान के परिवार वाले हैं  जिसने आज आत्महत्या करके अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी और प्रशासन ने इसे सहज आत्महत्या मान कर मामला रफा-दफा कर दिया लेकिन किसान की ऋण पुस्तिका एवं दूसरे सरकारी कागज़ देखने से साफ पता चल रहा है कि मृतक राम सिंह बैंको के क़र्ज़ में थे और बैंक के नोटिस बता रहे थे कि राम सिंह के ऊपर बहुत अधिक कर्ज था उसी से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। 

मृतक के भाई लालता प्रसाद लोधी से हुई बातचीत का वीडियो आत्महत्या कि तरफ साफ़ इशारा कर रहा है वही जिला प्रशासन इस पर लीपा पोती में जुट गया है। ज्ञात हो कि इस क्षेत्र से प्रदेश में दो बड़े नेता आते है, यहाँ के सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा है वही यह प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का विधानसभा क्षेत्र  भी है। ठीक दो दिन पूर्व इस क्षेत्र में किसान पंचायत का आयोजन भी हुआ था इसके बाद भी यदि किसान ने क़र्ज़ से परेशान होकर आत्महत्या की है तो ये सरकारी दावों की असलियत पर सवाल खड़े हो सकते है।  

प्रशासन ने जारी किया पत्र  

जिला  प्रशासन के इस पत्र के अनुसार राम सिंह को सभी सरकारी सहायता उपलब्ध हो रही थी लेकिन बवासीर जैसी गंभीर बीमारी से तंग आकर राम सिंह ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। इस पत्र में राण सिंह द्वारा अत्यधिक वही मृतक के पुत्र का कहना था कि चारों तरफ से बैंक वाले परेशान कर रहे थे उसी के चलते हमारे पिताजी ने आत्महत्या कर ली है हालांकि इस मामले को लेकर जिले के आला अधिकारी कैमरे के सामने बोलने से साफ मना कर रहे हैं क्योंकि मामला किसान से जुड़ा हुआ है और पूरे देश में किसानों का आंदोलन और किसानों के ऊपर अत्याचार जारी है इसलिए कोई भी अधिकारी इस विषय पर बात नहीं कर रहा है। 

जिला कलेक्टर संजय मिश्रा जब से बात की तो उनका कहना था की मृतक किसान बवासीर नमक रोग से परेशान था और नौ वर्ष पूर्व उनकी पत्नी का भी देहांत हो चूका था इसलिए अवसादग्रस्त भी थे।  इन्ही कारणों के चलते उन्होंने संभवतः ये कदम उठाया होगा।  हमारी इस विषय पर जांच चल रही है जाँच के बाद ही मामले पर कुछ बोला जा सकता है इसके अलावा तत्काल सहायता राशि देने के निर्देश दिए जा चुके है।