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कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का कड़ाई से पालन कर मनाया जायेगा धूमधाम से गणेशोत्सव!

कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का कड़ाई से पालन कर मनाया जायेगा धूमधाम से गणेशोत्सव!

हिंदू आस्था के साथ भेदभावपूर्ण रवैय्या ना अपनाए प्रशासन -शिवसेना

 जगदलपुर । शिवसेना ने ज़िला कलेक्टर श्री रज़त बंसल के नाम अपर कलेक्टर अरविंद एक्का को सौंपे ज्ञापन में कहा हैकि पिछले कई वर्षों से प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी व जगतजननी मां दुर्गा जी के मूर्ति स्थापना, श्रीराम नवमी शोभायात्रा या अन्य सार्वजनिक उत्सव के समय ही विभिन्न सरकारी नियमों को प्रशासन द्वारा जारी करके हिंदूओं की आस्था पर प्रहार का कार्य किया जा रहा है। इसी तरह विगत कुछ वर्षों से कोविड प्रोटोकॉल और महामारी अधिनियम को ढाल बनाकर ज़िला प्रशासन हिंदू आयोजनों पर नकेल कसने का निर्देश - आदेश जारी कर रही है, और शायद आगे भी ऐसा करेगी। शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरुण पाण्डेय् ने कहा कि ज़िला में संचालित शराब की दुकानों पर प्रशासन के आदेश की समाज़ के लिए घातक नशेड़ियों द्वारा खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है, उनपर कोई कार्यवाही नही होती है। शराब ख़रीदने के कतार में खड़े व्यक्तियों की कोरोना जांच की जाती है या इनका नाम रिकार्ड में सुरिक्षित रखा जाता है ? वहां सामाजिक दूरी या अन्य कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाता है? तब जिस देश का अस्तित्व ही हिंदुत्व से है उसपर ऐसे तानाशाही निर्देशों को थोपना तत्काल बंद किया जावे।

गौरतलब होकि ज़िला में ही ईसाई समुदाय में प्रत्येक सप्ताह प्रार्थना और मुस्लिम समुदाय में नमाज़ इत्यादि हेतु लोग अपने आराधना स्थलों पर एकत्रित होते रहते हैं, अपने उत्सव सार्वजनिक रूप से बिना किसी प्रशासनिक हस्तक्षेप से निर्बाध मनाते हैं। शिवसेना का आरोप हैकि अन्य सम्प्रदाय के लोगों के साथ पक्षपात करते हुए नियमों को शिथिल कर दिया जाता है और जिस बस्तर की आराध्य देवी ही जगत जननी मां दंतेश्वरी है उन्हें पूजने वाले हिंदुओ के त्यौहारों व उत्सवों पर कड़ाई बरती जाती है।

शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरुण पाण्डेय् में कहा कि शासन प्रशासन के इस तरह के कृत्य को शिवसेना बर्दाश्त नही करेगी। प्रशासन को सार्वजनिक गणेश पंडालों या उत्सवों के समय पर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था संभालने हेतु नगर सेवकों व पुलिस बल के जवानों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। कोविड प्रोटोकॉल की बात है तब प्रत्येक गणेश पंडालों पर शासन को कोरोना जांच हेतु भी संबंधित विभाग से तालमेल करके कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी चाहिए व वहां आने जाने वाले कि सूची स्वयं तैयार करके रिकार्ड में सुरक्षित रखना चाहिए। देशभर में हिंदुओं द्वारा पूजापाठ व उत्सव मनाने की प्रथा सनातन काल से है, इसे प्रतिबंधित करवाने के बदले इसकी व्यवस्था पर कार्य करना चाहिए और क़ानून का आड़ लेकर हिंदुओं की आस्था पर प्रहार नही करना चाहिए।

शिवसेना ने ज्ञापन के माध्यम से मांग किया हैकि आने वाले समय में सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियों पर किसी तरह से क़ानूनी प्रतिबंध ना लगाया जावें और कोविड प्रोटोकॉल महामारी अधिनियम अनुसार, सीसीटीव्ही कैमेरा लगवाना, पूजा दर्शन हेतु आने वाले भक्तगणों के रजिस्टर मेंटनेंस करना इत्यादि के साथ ही प्रत्येक गणेशोत्सव पंडालों ले सामने कोविड जांच व जागरूकता शिविर की व्यवस्था प्रशासन को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसा व्यवस्था प्रशासन द्वारा गणेश उत्सव समितियों से करने निर्देशित किया जाता है, वह व्यवस्था सरकारी तंत्र के माध्यम से उन्हें स्वयं करना चाहिए और हिंदुओं को अपना पूजापाठ निर्बाध रूप से करने दिया जावे, अन्यथा पूजा पाठ को लेकर अधिक परेशान करने पर किसी तरह की विवाद की जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की रहेगा