नगर पंचायत दोरनापाल भ्रष्ट अधिकारियों की नगरी.? कागजों पर सिमट कर रह जाती हैं यहां विकास कार्य

नगर पंचायत दोरनापाल भ्रष्ट अधिकारियों की नगरी.?  कागजों पर सिमट कर रह जाती हैं यहां विकास कार्य

क्या कोई बड़ा घोटाला दोरनापाल नगर पंचायत में घटित हुई है? आखरी सूचना का अधिकारी अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर भी क्यों भाग रही है नगर पंचायत जानकारी उपलब्ध कराने से ?

दोरनापाल पंचायत में लोक सूचना आयोग द्वारा तय शुल्क सहित आवेदन के उपरांत भी चाही गई जानकारी उपलब्ध नही कराना समस्त कार्यालय को ही संदेश की दृष्टि से देखने के लिए मज़बूर कर रही है, आख़िर इसका क्या मतलब निकाला जाए..।

सुकमा !  दक्षिण बस्तर सुकमा जिले का दोरनापाल, जहां विकास के नाम पर लाखों - करोड़ो रुपए हर साल विभिन्न मदो में आते हैं, लेकिन अधिकतर विकास कार्य यहां सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह जाती हैं? शायद यही वज़ह हैकि दोरनापाल आज भी वास्तविक विकास से कोसो दूर है।

नगर पंचायत के अंतर्गत हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार होता है, नगरीय क्षेत्र में जितने भी निर्माण कार्य होते हैं, वह सभी निर्माण कार्य जनता के पैसों से होता है, ना कि किसी अधिकारी के निजी व्यय से.. यह कहना बिल्कुल भी गलत नही होगा कि नगरीय क्षेत्र के कुछ अधिकारियों की संवेदनहीनता की वजह से कई निर्माण कार्य आज भी अधूरे पड़े हुए हैं, जिनका जवाब दोरनापाल के सीएमओ साहब किसी गोल जलेबी की तरह ही देते हैं..

क्षेत्र के युवा पत्रकार आदर्श शुक्ला ने नगरीय क्षेत्र के विकास कार्यो की जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों के माध्यम से जाननी चाही, तब पहले तो आवेदन लेने से ही यहां इंकार किया गया कि हम इस संबध की जानकारी आप को नहीं दे सकते। हमारे नियम के बाहर है जब आवेदक ने सूचना के अधिकार के धाराएं उनके सामने रखी तो मजबूरन उन्हें आवेदन लेना पड़ा लेकिन आवेदन स्वीकार्य करने के बावजूद आदर्श शुक्ला को सूचना का अधिकार की जानकारी के लिए 18500 की राशि का भुगतान करने को कहा गया, इसके बाद भी और पिछले 1 से 2 महीने में उन्हें कोई जानकारी नही दी गई। दो महीने के बाद लिखित जवाब में 18500 रुपए में से आदर्श के द्वारा कुछ जानकारियों का शुल्क 8/09/2020  को 3500 रुपए अदा कर दिया और अपनी जानकारी मांगी गई मागी गई जिसकी जानकारी निम्नानुसार है

 माँगी गई जानकारी: 

 1. वर्ष 2019-20 में पुरष वाटिका में किए गए समस्त कार्यों का विवरण.

2. वर्ष 2018-19 से वर्ष 2019-20 कार्यालय सम्बन्धित समस्त मदो की आवक जवक पंजी की छाया प्रति.

3. वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 कार्यालय से संबंधित समस्त मदो की आय - व्यय  लेखा कैश बुक पंजी की छायाप्रति.

 4. वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में आज दिन तक कार्यालय में हुए परिषद की बैठक की पंजी की छायाप्रति.

आज पर्यन्त तक महीनों बीत गए लेकिन नगरीय प्रशासन की  इस मामले में जान बूझकर कछुआ चाल चलना वहीं 8/09/2020 को बताई गई राशि 3500 रुपए अदा कर दी गई आज करीबन आधा महीना निकल गया पर आज तक जानकारी नहीं मिली और जानकारी देने में टाल मटोल करना बताता है कि पूरी की पूरी दाल ही काली है। अब विचार करने योग्य बात हैकि जब एक पत्रकार को नगरीय क्षेत्र की जानकारी देने में सीएमओ कृष्णा राव लगातार बहाने बाजी कर रहे है.. तो आप स्वयं ही अंदाजा लगा लीजिए कि आम नागरिक जब अपने काम से नगरपंचायत जाता होगा तो सीएमओ कृष्णा राव का रवैया कैसा रहता होगा।

वहीं इन सब मामलों में जब हमने दोरनापाल नगर पंचायत जान सूचना आधिकारी राजू कुमार से इस संबध में बात किया तो उन्होंने कहा कि अभी मसिन खराब है जब मसिन बन के आएगा तो जानकारी दे दी जाएगी मसीन बनने गई है अब जगदलपुर से कब आएगी मै बता नहीं सकता।

वहीं इस पूरे मामले में हमने मुख्य नगर पालिका अधिकारी कृष्ण राव से कई बार बात की तो वो उलूल जुलुल बयान देते हुए दिखे मतलब साफ है को मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने बयान देने से भाग रहे हैं।