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गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प : अमेरिका ने कहा - महामारी के बहाने भारत के क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता था चीन

गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प : अमेरिका ने कहा - महामारी के बहाने भारत के क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता था चीन

वॉशिंटगन।  गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प और दक्षिण चीन सागर को लेकर अमेरिका चीन पर हमलावर है। इसमें चीन के रवैये पर चिंता जताई गई है और आरोप लगाया गया है कि चीन कोरोना का महामारी के बहाने से भारत के क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता था।

जानकारी के  मुताबिक भारत और चीन को वास्तविक नियंत्रण पर तनाव कम करने के लिए काम करना चाहिए।संशोधन में कहा गया है कि दक्षिण चीन सागर, LAC और सेंकाकू टापू विवादित क्षेत्रों के आसपास चीन का विस्तारवाद और आक्रामकता चिंता का विषय है। अमेरिका की संसद कांग्रेस ने भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में चीन की आक्रामकता का विरोध किया है और चीन के बढ़ते क्षेत्रीय रवैये पर चिंता जताई है। 

एस्पर ने लद्दाख पर सीमा विवाद को लेकर कहा कि अमेरिका वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) में स्थिति पर नजदीक से नजर रख रहा है। उन्होंने खुशी जताई है कि दोनों देश समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, साउथ चाइना सी को लेकर एस्पर ने कहा, 'हमारे कैरियर दक्षिण चीन सागर और इंडो-पैसिफिक में दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ही हैं।

निमित्ज सोमवार को बंगाल की खाड़ी पहुंचा जहां उसका भारतीय नौसेना के ईस्टर्न कमांड ने स्वागत किया। दोनों सेनाओं ने युद्धाभ्यास भी किया जिसे पासेक्स (PASSEX) नाम दिया गया। यह ऐसा युद्धाभ्यास है जिसमें पूर्वनियोजित और विस्तृत अभ्यास नहीं होता बल्कि युद्धपोत के गुजरते वक्त युद्ध की तरकीबों का प्रदर्शन होता है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने पासेक्स के बारे में ट्वीट के जरिए बताया, 'निमित्ज करियर स्ट्राइक ग्रुप हिंद महासागर क्षेत्र से गुजर रहा है। 

अमेरिका में यह संशोधन ऐसे वक्त में लागू किया गया है जब सोमवार को ही अमेरिका और भारत की नौसेनाओं ने संयुक्त युद्धाभ्यास किया। इससे न सिर्फ चीन को भारत-अमेरिकी सहयोग को लेकर संदेश दिया गया बल्कि अमेरिका के रक्षमंत्री मार्क एस्पर ने सीधे तौर पर चीन पर निशाना भी साधा है। उन्होंने भारत के साथ अपने रक्षा संबंधों को '21वीं सदी के सबसे अहम संबंधों में से एक' बताया है और चीन की सेना को क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का जिम्मेदार बताया है।