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संकट की घड़ी में इंसानियत का सौदा,मुनाफाखोरी व कालाबाजारी खुलेआम

संकट की घड़ी में इंसानियत का सौदा,मुनाफाखोरी व कालाबाजारी खुलेआम

दल्लीराजहरा - डौन्डी-लोहारा विधानसभा युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष जोश कोशी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिले में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या और लॉक डाउन को देखते हुए व्यापारियों ने अपनी कालाबाज़ारी शुरू कर दी है।संकट की घड़ी में इंसानियत का सौदा एवम किराने के सामान की मुनाफाखोरी व कालाबाजारी खुलेआम हो रही है।

कोरोना महामारी में शहर के विभिन्न मोहल्लों में राशन की दुकान पर सामान की बिक्री प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर हो रही है।मनमानी कीमत वसूल कर रहे दुकानदारों पर रोकथाम लगाने के लिए ना ही जिला प्रशासन कार्यवाही कर रही है ना ही पुलिस। इसका खामियाजा घरों में बंद आम आवाम को झेलना पड़ रहा है। लोगों के घर का बजट गड़बड़ाने लगा है।

मार्केट क्षेत्र वार्ड क्रमांक 24, 25, 22, 04 समेत कई मोहल्लों से यह शिकायत मिल रही है।इससे ग्राहकों में आक्रोश है, लोग दुकानदारों के साथ बहस कर रहे हैं।नगर में खुलेआम बिकने वाले जर्दा मसाला, गुड़ाखु की दाम जहा निचले स्तर पर थे अब बढ़ते लॉकडाउन को देखते हुए आसमान छूना शुरू कर दिए। नगर की जनता के ऊपर जहा कोरोना की मार पड़ रही है रोजगार की समस्या उतपन्न होने के कगार पर है

वही दूसरी ओर राजहरा के व्यापारियों ने जनता को लूटना शुरू कर दिया है। खाने का तेल की कीमत 2100 रुपए प्रति टीना थी वह बढ़कर 2300 रु हो गयी है। गुड़ाखु  प्रति नग 12 रु, आटा 5 किलोग्राम 175 रु एवम जर्दा मसाला 8 रु प्रति नग बिक रहे है। व्यापारी जन नगर की गरीब जनता को लूटने पर आतुर हो गए है। जो कि निंदनीय है।

कालाबाज़ारी को रोकने प्रशासन विफल

नगर में बढ़ती कालाबाज़ारी व मुनाफाखोरी पर डौन्डी-लोहारा युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष जोश कोशी ने प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही बताया। स्थानीय एसडीएम, तहसीलदार द्वारा कालाबाज़ारी कर रहे व्यापारियों पर शिकंजा नही कसा जा रहा साथ ही किसी प्रकार की जांच नही की रही है। जिससे व्यापारियों के हौसले बुलंद हो रहे है। और आम जनता में त्राहिमाम मचा हुआ है। सबसे अधिक कालाबाजारी तेल,रिफाइंड ऑयल, जर्दा गुटखा, गुड़ाखु की हो रही है।

यही स्थिति विभिन्न प्रकार के दाल व चावल की है। दुकानदारों का कहना है कि कोरोना संक्रमण और लॉक डाउन के भय से थोक खरीदारी कई दिनों से नहीं की है। दुकान के सामान धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं।राशन की थोक खरीदारी महंगी होने से इसका असर खुदरा विक्रय पर दिखने लगा है।

इस सबन्ध में राजहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद वाधवानी ने कहा कि व्यापारियों से अपील है कि वे कोरोना काल के इस संकट के घड़ी में निर्धारित रेट में सामान को बेचे । न कि अधिक दर पर । शिकायत आने पर यदि प्रशासन कार्यवाही करती हैं तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे ।