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मात्र 23 दिन में रेलवे ने 10 हजार टन ऑक्सीजन पहुंचाने की कर ली उपलब्धि हासिल

मात्र 23 दिन में रेलवे ने 10 हजार टन ऑक्सीजन पहुंचाने की कर ली उपलब्धि हासिल

नयी दिल्ली।  कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में कई राज्यों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के बाद रेलवे ने अपनी उपयोगिता साबित करते हुये मात्र 23 दिन में 10 हजार टन से अधिक तरल ऑक्सीजन पहुंचाने की उपलब्धि हासिल कर ली है।

रेलवे ने आज बताया कि अब तक भारतीय रेल ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 600 से अधिक टैंकरों में 10,300 टन से अधिक तरल ऑक्सीजन वितरित की है।

पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन एक्सप्रेस हर दिन लगभग 800 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले शहरों से ऑक्सीजन की कमी वाले शहरों में पहुंचा रही है।

चक्रवाती तूफान ''ताउते'' के बावजूद तेज हवाओं को मात देते हुए रेलवे ने सोमवार सुबह भी गुजरात से दो ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाईं जिनमें 150 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई।

ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने 23 दिन पहले 24 अप्रैल को महाराष्ट्र में 126 टन वितरण के साथ अपना सफर प्रारंभ किया था।
अब तक 13 राज्यों को 10,300 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की ढुलाई की जा चुकी है।

ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस के लिए उच्च प्राथमिकता वाले ग्रीन कॉरिडोर बनाये गये।
लंबी दूरी के ज्यादातर मामलों में इन महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की औसत गति 55 से ऊपर है।

पटरियों को परिवहन मुक्त रखा जाता है और यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत सतर्कता बरती जाती है कि ऑक्सीजन एक्सप्रेस निरंतर बिना रुके हुए आगे बढ़ती रहे।
अब तक लगभग 160 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा पूरी करते हुए विभिन्न राज्यों को राहत प्रदान की है।

इस अभियान के तहत अब तक महाराष्ट्र में 521 टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 2,652 टन, मध्य प्रदेश में 431 टन, हरियाणा में 1,290 टन, तेलंगाना में 564 टन, राजस्थान में 40 टन, कर्नाटक में 361 टन, उत्तराखंड में 200 टन, तमिलनाडु में 231 टन, पंजाब में 40 टन, केरल में 118 टन और दिल्ली में लगभग 3,734 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा चुकी है।