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ब्रेकिंग : कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद 58 वर्षीय महिला की मौत, टाइफाइड बुखार की चपेट में आई लेकिन ठीक ना हो सकी, परिवार के सदस्यों का ने आरोप, 'मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि वैक्सीन विफल रही है'

 ब्रेकिंग : कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद 58 वर्षीय महिला की मौत, टाइफाइड बुखार की चपेट में आई लेकिन ठीक ना हो सकी, परिवार के सदस्यों का ने आरोप, 'मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि वैक्सीन विफल रही है'

पुलिवेंदुला (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश में कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला में कुछ दिन पहले ही कोविड-19 वैक्सीन लगवाने वाली 58 वर्षीय आंगनवाड़ी शिक्षिका की मौत हो गई है। पुलिवेंदुला के अहोबिलापुरम इलाके की निवासी टी. नारायणम्मा का गुरुवार रात निधन हो गया। उन्हें स्थानीय सरकारी अस्पताल में एक पखवाड़े पहले कोविड-19 वैक्सीन लगाई गई थी। वैक्सीन लगने के बाद दूसरे दिन ही नारायणम्मा को बुखार चढ़ गया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

डॉक्टरों ने जांच की गई तो उन्हें टाइफाइड बुखार पाया गया, जिसके बाद उन्हें कडप्पा के रिम्स अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, वह घर लौट आई, क्योंकि वह रिम्स में बुखार से उबर नहीं पाई थी। नारायणम्मा की गुरुवार रात घर लौटने के एक घंटे के भीतर मृत्यु हो गई। अब उनके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उनकी मृत्यु इसलिए हुई है, क्योंकि वैक्सीन विफल रही है।

आंध्र प्रदेश में कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद एक गांव की एक वॉलंटियर (स्वयंसेवक) पी. ललिता की मौत हो गई थी। सरकार की तरफ से मृतका के परिवार को मुआवजे के तौर पर 50 लाख रुपये दिए गए हैं। आरोप है कि ललिता की मौत कोरोनावायरस वैक्सीन शॉट लेने के बाद आई जटिलताओं से हुई थी।

28 साल की ललिता ने आठ अन्य स्वयंसेवकों के साथ वैक्सीन शॉट लिया था और अन्य सभी को सिरदर्द और बुखार जैसे लक्षण दिखाई दिए, ललिता की हालत ज्यादा ही गंभीर हो गई। हालांकि वह दवा ले रही थी और घर पर ही रहती थी, लेकिन जल्द ही उसकी बीमारी से मौत हो गई।

जानते चलें कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव भी सेकण्ड फेस की वेक्सीन का यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि यह तब तक नही लगाई जानी चाहिए जब तक कि वैज्ञानिक पूरी तरह टेस्ट से ओके ना कर दें.