शराब दुकान खोलना ,विनाश काले विपरीत बुद्धि - रंजना

शराब दुकान खोलना ,विनाश काले विपरीत बुद्धि - रंजना

धमतरी, 4 अप्रैल। सपूर्ण प्रदेश में कोरोना महामारी से बचने के एकमात्र सुरक्षात्मक उपाय लॉकडाऊन के सफलतम दौर से गुजरते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान का पालन अक्षरशः करते हुवे जनता अपने को बचाये रखने में सफल हो रही है,ऐसे दौर में भूपेश बघेल के प्रदेश सरकार शराब दुकान खोलने का गैरजिम्मेदाराना निर्णय ले रही है जो विनाश काले विपरीत बुद्धि का  परिचायक है पर हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ऐसा कतई नही होने देगे उक्त बातें विधायक रँजना डिपेन्द्र साहू ने कही है उन्होंने आगे कहा है कि शराब दुकान में उमडने वाली भीड़ कोरोना वायरस के फैलाव के लिए वरदान हो सकता है क्योंकि लॉकडाऊन के पहले दौर मे शराब दुकान के खुलने के कारण अत्यधिक भीड़ होने से हमे सपूर्ण राज्य में लाँकडाऊन के जनहितकारी महत्त्वपूर्ण उद्देश्य लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता नही मिल पा रही थी जिसके कारण शराब दुकान बंद करना ही एकमात्र विकल्प था, अब विशेषज्ञ के अभाव मे बनी समिति से दबाव पूर्ण गैरजिम्मेदाराना निर्णय लेने के लिए विवश कर प्रदेश के करोड़ों लोगों के जीवन को दांव पर लगाने जा रही है प्रदेश सरकार ।

         विधायक रँजना साहू ने कहा है राज्य में महिलाओं के सामने सर्वाधिक चुनौती शराब ही खड़ी कर रही है कई घर व परिवार तबाह हो गए है लाँकडाऊन का दुष्प्रभाव शराब दुकान के बंन्द होने के कारण ज्यादा नहीं दिखाई दिया अब यदि शराब दुकान खुलता है तो लोग अपने घरो जीवनउपयोगी समान बर्तन सहित अन्य को बेचकर शराब पीने के लिए मजबूर होंगे जिससे महिलाओं सहित उनके बाल-बच्चों के समक्ष जीवन यापन की समस्या उत्पन्न हो जावेगी और घर-घर में लडाई -झगड़े होंगे ,शराब दुकान खोलना महिला हित के विपरीत प्रभाव डालने वाला निर्णय है ।

    विधायक श्रीमती साहू ने प्रदेश सरकार को अगाह करते हुए कहा है कि वे अब अपने पुर्ण शराबबंदी लागू करने के घोषणापत्र के चुनावी ऐलान का पालन करे, नही  तो अब समय आ गया है कि शहर - शहर , गांव- गांव की महिलाओं के द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से   प्रदेश सरकार के शराब दुकान खोलने के निर्णय का समाजिक विरोध घर - घर से शुरू किया जावेगा ।

  विधायक रँजना साहु ने राज्यपाल अनसुइया उइके को पत्र प्रेषित कर मांग की है कि प्रदेश में शराब दुकानों को बंन्द रखने के निर्णय को यथावत रखा जाए, इसके खुलने से दुकानों में होने वाली भीड़ से हम कोरोना वायरस से लडने तथा लाँकडाऊन का पालन करने में हम असफल साबित हो जाएंगे ।