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ब्रेकिंग : अब निश्चिंत होकर खरीदिए सोना..बिना हॉलमार्क के गहनों की नहीं होगी बिक्री..सरकार ने बनाया नया नियम, जानें क्या होता है हॉलमार्क और क्यों है जरूरी!

ब्रेकिंग : अब निश्चिंत होकर खरीदिए सोना..बिना हॉलमार्क के गहनों की नहीं होगी बिक्री..सरकार ने बनाया नया नियम, जानें क्या होता है हॉलमार्क और क्यों है जरूरी!

भारत में सोना की खरीद को लेकर लोगों में आकर्षण हमेशा से बना हुआ है. यही कारण है कि हर व्यक्ति सोना में इंवेस्ट करता है और शुद्ध सोना खरीदना चाहता है. लेकिन शुद्ध सोना कहां से खरीदें यह लोगों की बड़ी चिंता होती है क्योंकि कई बार सोने की खरीद में धोखा होने के मामले सामने आ चुके हैं. सोने की खरीद में हॉलमार्क शुद्धता की गारंटी है यही वजह है कि सरकार ने आज से सोने की बिक्री को लेकर हॉलमार्क को जरूरी बना दिया है.

क्या होता है हॉलमार्क
हॉलमार्क कीमती धातु की वस्तुओं पर पाया जाने वाला एक आधिकारिक स्टांप है जो धातु की संरचना और इसकी शुद्धता के बारे में जानकारी देता है. हॉलमार्क में गहनों के निर्माता और मूल के बारे में बहुमूल्य जानकारी भी शामिल होती है. हॉलमार्क दो तरह का होता है-एक जो गहने की क्वालिटी और उसकी शुद्धता के बारे में बताता है और दूसरा वह जो गहने के निर्माता और उसके मूल के बारे में बताता है.

हॉलमार्क तभी संपूर्ण माना जायेगा जब उसमें गहने की क्वालिटी और निर्माता के बारे में पूर्ण जानकारी हो. हॉलमार्क गहनों में शुद्धता का प्रतिशत इस प्रकार होता है. 22K916 (91.6% शुद्धता), 18K750 (75% शुद्धता ) और 14K585 (58.5% शुद्धता). पहले सोने की बिक्री में हॉलमार्क अॅाप्शनल था लेकिन अब हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया गया है.

ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीआईएस ज्वेलर्स को लाइसेंस देता है जिसके जरिये वे बीआईएस से मान्यता प्राप्त सेंटर से अपनी ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग करवा सकते हैं.

हॉलमार्क जरूरी किये जाने से ग्राहक खुश
गहनों पर हॉलमार्क जरूरी किये जाने के बाद ग्राहकों में खुशी है क्योंकि उन्हें यह भरोसा मिल गया है कि वे अब शुद्ध सोना खरीद सकेंगे. वहीं दुकानदारों का कहना है कि हम सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन सरकार को हमें समय देना चाहिए ताकि हम बिना हॉलमार्क वाले गहनों को भी बेच सकें. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, मुंबई ने भी यही बात कही है.