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स्कूल के अस्तित्व को बचाने अभाविप ने आम लोगों से मांगी मदद

स्कूल के अस्तित्व को बचाने अभाविप ने आम लोगों से मांगी मदद

महासमुंद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने रविवार को कहा कि स्कूली छात्र और अभाविप नामांतरण नहीं, शालांतरण का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि स्थानीय आदर्श स्कूल को आत्मानंद में बदलने का विरोध कर रहे अभाविप ने शुक्रवार को छात्रों के साथ स्थानीय बरोंडा चौक में चक्काजाम किया। जहां पुलिस द्वारा बलपूर्वक उन्हें हटाया गया। बाद अभाविप के 9 सदस्यों के पर धारा 147 और 341 के तहत अपराध दर्ज किया गया। उसके बाद रविवार को इस संबंध में अभाविप ने फिर से एक बार अपनी बात रखी।

अभाविप का कहना है कि शासन द्वारा नगर के प्रतिष्ठित और सबसे पुराने विद्यालय आदर्श स्कूल को बन्द कर उसकी जगह स्वामी आत्मानंद विद्यालय खोला जा रहा है। जिसके विरोध में छात्रशक्ति के साथ अभाविप खड़ी है। अभी गत शुक्रवार को अभाविप की नगर इकाई के नेतृत्व में विशाल संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने आन्दोलन भी किया।

लेकिन, हमने यह अनुभव किया है कि इन चर्चाओं में विद्यार्थी परिषद् के विरोध का कारण केवल नाम परिवर्तन को बताया जा रहा है, जो कि सत्य नहीं हैं। शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विरोध के कारणों को स्पष्ट किया था। पुन: स्पष्ट करते हुए कहा कि वे आत्मानंद स्कूल के विरोध में नहीं हैं बल्कि उसके लिए आदर्श स्कूल की बलि चढ़ाए जाने के विरोध में हैं।

अभाविप ने कहा कि वर्तमान में आदर्श विद्यालय में कक्षा नवमी से कक्षा बारहवीं तक कुल 800 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन इसे स्वामी आत्मानन्द विद्यालय में विकसित करने पर महज 320 सीटें ही रह जाएंगी।

जो कि वर्तमान संख्या का केवल 40 प्रतिशत है। साथ ही उन सीटों पर भी नए सिरे से प्रवेश दिया जाएगा। ऐसे में वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थी आखिर कहां जाएंगे? और यदि अध्ययनरत विद्यार्थियों में से ही प्रवेश दिया जाए तो भी शेष 480 विद्यार्थियों के लिए क्या उपाय होगा?

शुक्रवार को हुए चक्काजाम में पुलिस की बर्बरता का उल्लेख करते हुए अभाविप ने बताया कि पुलिस द्वारा कई छात्रों को डंडे से पीटा गया जिससे उन्हें अंदरूनी चोटें आयीं। इनमें से कुछ नाबालिग छात्र भी थे। कई छात्राओं को तो पुरुष पुलिसकर्मियों ने अश्लीलतापूर्वक पकडक़र उठाया, उनसे हाथापाई भी की।

ऐसे में छात्राएं स्वयं को लज्जित महसूस कर रही हैं। इस दौरान एक नाबालिग छात्रा को भी गिरफ्तार किया गया और उसे शहर से दूर तुमगांव ले जाया गया और तो और इसकी सूचना छात्रा के पालकों को भी नहीं दी गई।

अपने विद्यालय को बचाने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के विरुद्ध उपद्रव करने जैसे अपराधों के लिए धारा 147 और 341 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। अभाविप ने जन-समाज से अनुरोध किया कि कि आप नगर के प्रतिष्ठित आदर्श स्कूल को बचाने के अभाविप के संघर्ष में सहभागी बनें।