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कर्मचारी रखेंगे कलम, उठायेंगे मशाल, शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन

कर्मचारी रखेंगे कलम, उठायेंगे मशाल, शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन

राजनांदगांव, 25 नवंबर। राज्य के 3 लाख 99 हजार कर्मचारी एवं अधिकारी राज्य शासन के अनदेखी से व्यथित हैं। कोरोना काल में सरकारी ही असरकारी साबित हुआ है। कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं उपचार के डयूटी में हमारे अनेक साथी काल के गाल में समा गये हैं ! सरकारी महकमे की सुरक्षा एवं उनके परिवार के हित को अनदेखा कर,सरकारी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन संभव नहीं होगा। राज्य के कर्मचारी-अधिकारियों को दिवाली पर उनके अधिकार से संबंधी कर्मचारी हितैषी घोषणा की उम्मीद थी।उक्ताशय को व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक  फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं प्रान्तीय महामंत्री सतीश ब्यौहरे का कहना है कि राज्य के कर्मचारी-अधिकारी, शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।  

उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 20 को प्रथम चरण में,28 जिलों में कर्मचारी-अधिकारी कलम बंद,मशाल उठा आंदोलन में कर्मचारी-अधिकारी मशाल रैली कर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। रैली में शामिल होने वाले प्रत्येक कर्मचारी-अधिकारी अपने घर से एक दिया लेकर आयेंगे। रैली के दौरान हथेली में सूखा दिया रखकर चलेंगे। जोकि राज्य शासन के उपेक्षा के कारण घर की दिवाली उत्सव का प्रतीकात्मक प्रदर्शन होगा।

दूसरा चरण 11/12/2020 को जिला स्तर पर वादा निभाओ,स्वाभिमान रैली आयोजित होगा। जिला मुख्यालय में आमसभा कर अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करेंगे।

तृतीय चरण 19/12/2020 को राजधानी रायपुर में वादा निभाओ रैली का आयोजन किया जायेगा। रैली में सभी जिलों के कर्मचारी अधिकारी शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जुलाई 19 का 5 % तथा जनवरी 20 के 4% कुल 9 % महँगाई भत्ता;छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 का बकाया एरियर्स का भुगतान;लंबित संवर्गीय पदोन्नति,समयमान/क्रमोन्नति; सहायक शिक्षक पद पर भर्ती हुए शिक्षकों को तृतीय समयमान स्वीकृति;शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत कर्मचारी अधिकारी के परिवार को 50 लाख अनुग्रह राशि एवं अनुकंपा नियुक्ति,अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने,चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति;सातवे वेतनमान के मूलवेतन के आधार पर 10 % गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृति; 1 जनवरी 2004 से बंद हुए पुराने पेंशन योजना को बहाल करने;अनुकंपा नियुक्ति तृतीय श्रेणी पदों में भी करने,राज्य पुनगर्ठन अधिनियम की धारा 49 को विलोपित कर पेंशनरी दायित्वों का बंटवारा मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच करने एवं छत्तीसगढ़ के लिए सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल भारतीय स्टेट बैंक गोविंदपुरा भोपाल से पृथक कर सेल की स्थापना रायपुर ब्राँच में करने सहित अन्य प्रमुख माँगों के निराकरण के लिए आंदोलन का ऐलान किया गया है।