श्रीराम के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने की कोरोना पर विजय पाने की प्रार्थना

श्रीराम के जन्मोत्सव पर  श्रद्धालुओं ने की कोरोना पर विजय पाने की प्रार्थना

पटना, 02 अप्रैल |  बिहार में आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम का उद्घोष कर कोरोना वायरस के संक्रमण पर विजयश्री प्राप्त करने की प्रार्थना की।कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए इस बार बिहार में रामनवमी समेत अन्य धार्मिक आयोजन पर रोक लगा दी गई है। आम लोगों से उनके घर पर ही रामनवमी की पूजा करने की अपील सरकार, स्थानीय प्रशासन, बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड और मंदिरों के प्रबंधन की ओर से की गई है। इस अपील पर श्रद्धालु इस बार रामनवमी की पूजा अपने-अपने घर पर रहकर ही कर रहे हैं।

घरों में तुलसीदास रचित रामचरित मानस की चौपाई का पाठ एवं जय श्री राम के कीर्तन सुनायी दे रहे हैं।रामनवमी के अवसर पर राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों में श्रद्धालु ओम रामाय नम: का मंत्र जाप एवं हनुमान चालीसा का पाठ अपने घर में रहकर कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने भगवान को लड्डू, माला चढ़ाकर अपने साथ पूरे परिवार के कल्याण की कामना की। रामनवमी को लेकर पूरे बिहार खासकर पटना में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। चारों तरफ पुलिस बल तैनात किये गये हैं।

रामनवमी को लेकर पूरा शहर हनुमान जी की ध्वजों एवं पताकाओं से पट जाता था लेकिन यह पहली बार है जब पूरे शहर में कोरोना वायरस के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। रामनवमी के अवसर पर पटना में कई भव्‍य शोभायात्राएं निकाली जाती थी, जो इस बार रद्द कर दी गयी है।हिंदू धर्म के अनुसार रामनवमी लोगों के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन भगवान हनुमान का दर्शन करके लोग प्रसाद चढ़ाते हैं।

रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य मिलता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, रामनवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर विष्णु जी के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। इस दिन उपवास और ब्राह्मणों को भोजन कराना भी बहुत फलदायक है। कहते हैं ऐसा करने से घर में धन-समृद्धि आती है।राजधानी पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर सहित तमाम मंदिरों में पुजारी ही मंदिर की ध्वजा को बदलकर परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। आम लोगों के लिये मंदिरों में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है। महावीर मंदिर सिर्फ पटना ही नहीं, देश के प्रमुख मदिरों में एक है।

मदिर का इतिहास करीब तीन सौ साल पुराना है। वर्ष 1713 से 1730 के बीच स्वामी बालानंद के नेतृत्व में इस मदिर की नींव पड़ी। वर्ष 1983 में महावीर मंदिर पटना के जीर्णोद्धार का शिलान्यास किया गया। इसके बाद वर्ष 1985 में मंदिर नए स्वरूप में बन कर तैयार हो गया। महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव किशोर कुणाल ने कहा कि राजधानी में लगभग 100 से अधिक हनुमान और राम मंदिर हैं। इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सभी मंदिरों पर असर पड़ा है।कोरोना को लेकर महावीर मंदिर ने विशेष उपाय किए हैं। आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि इस बार भक्तों की सुविधा के लिये लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गयी है।

भक्त अपने रिलायंस जियो मोबाइल ऐप से मंदिर में होने वाली आरती एवं पूजन का लाइव दर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भक्त महावीर मंदिर की वेबसाइट पर पूजन, आरती एवं कीर्तन के सीधे प्रसारण का आनंद उठा सकते हैं। वहीं, जिओ ने दूसरे सब्क्राइबर को भी यह सुविधा उपलब्ध कराई है।बिहार के राज्यपाल फागू चौहान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामनवमी के मौके पर प्रदेश एवं देशवासियों बधाई दी है।

श्री चौहान ने अपने शुभकामना-संदेश में कहा है कि रामनवमी पर्व भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में असीम भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेन्सिंग सहित अन्य सभी मार्ग-निर्देशों पर भी पूरी तरह अमल होना चाहिए। वहीं, मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि रामनवमी जैसे पर्व राष्ट्रीय एकता, अखण्डता तथा देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं। उन्होंने राज्यवासियों से आह्वान किया कि पावन पर्व रामनवमी को सोशल डिस्टेंसिंग पालन करते हुए प्रेम और भाईचारे के साथ हर्षोल्लास के साथ मनायें।