breaking news New

बुंदेलखंड के साहित्य को राष्ट्रीय पटल पर लाने की तैयारियां जोरों पर

बुंदेलखंड के साहित्य को राष्ट्रीय पटल पर लाने की तैयारियां जोरों पर

झांसी।   उत्तर प्रदेश में झांसी मंडलायुक्त डॉ़ अजयशंकर पांडेय के दिशानिर्देशन में बुंदेलखंड के साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर लाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

यहां आयुक्त सभागार में गुरूवार को साहित्य विंग की बैठक को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि बुन्देलखंड के साहित्य व साहित्यकारों को राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय स्तर पर वह स्थान नहीं मिला है, जो उन्हें मिलना चाहिए था। बुन्देलखंड की साहित्यक परंपरा को एक संवेद मंच व दिशा दिये जाने का कार्य यहां के स्थानीय साहित्यकारों के साथ मिलकर किया जा रहा है। कोशिश यह है कि राष्ट्रीय मानचित्र पर बुन्देलखंड का साहित्य व साहित्यकार अपना स्थान बना सके।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब तक प्रकाशित साहित्य , पुस्तकों को संरक्षित व एकत्र करके एक लाइब्रेरी की स्थापना की जाये, जिसमें समस्त साहित्य को एक स्थान पर उपलब्ध कराया जा सके। इसके अतिरिक्त बुन्देलखंड के बाहर के लोगों ने जो इस क्षेत्र पर काम किया है उसे भी संकलित कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि जो साहित्य अब तक अप्रकाशित है उसके प्रकाशन और युवा साहित्यकारों को मार्ग दर्शन के लिए अवसर की व्यवस्था की जा रही है।

झांसी मण्डल के समस्त साहित्यकारों की एक डायरेक्टरी तैयार की जा रही है जिसका शीघ्र ही प्रकाशन होगा।

मण्डलायुक्त ने कहा कि यद्यपि साहित्य किसी मानकीकरण का मोहताज नहीं होता है, परन्तु नवोदित रचनाकारों को मार्गदर्शन दिये जाने के उद्देश्य से मानकीकरण की दिशा में भी काम किया जा रहा है, इसके लिए ख्यातिप्राप्त साहित्यकार रमेश के. श्रीवास्तव द्वारा सत्रों का आयोजन होगा।

बैठक में साहित्य समिति की गतिविधियों की कार्यप्रगति बी. यू. के डा. पुनीत बिसारिया ने प्रस्तुत की। बैठक का संचालन मण्डलीय परियोजना प्रबंधक एन.एच.एम. आनन्द चौबे ने किया। बैठक में जेडीसी मिथलेश सचान, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजेश प्रकाश, रजिस्ट्रार चिटस फण्ड एंड सोसाइटी आनन्द सिंह, शिक्षा विभाग के डॉ अनिरुद्ध रावत सहित झांसी क्षेत्र के जाने माने साहित्यकारों में राजकुमार अंजुम, डॉ रामशंकर भारती, पन्नालाल असर, डॉ नीति शास्त्री आदि उपस्थित रहे।