उत्तर प्रदेश : गोरखपुर से ई-मेल आईडी हैक कर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश :  गोरखपुर से ई-मेल आईडी हैक कर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और मध्य प्रदेश के इंदौर साइबर सेल ने संयुक्त रुप से कार्रवाई करते हुए गोरखपुर से अन्तर्राज्यीय स्तर पर ई-मेल आईडी हैक कर विभिन्न खातो में पैसा मंगाकर ठगी करने वाले गिरोह की महिला समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ प्रवक्ता ने शनिवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोरखपुर की एसटीएफ फील्ड इकाई के साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की साइबर सेल की टीम ने अन्तर्राज्यीय स्तर पर ई-मेल आईडी हैक कर विभिन्न खातो में पैसा मंगाकर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों गोरखपुर के तिवारीपुर इलाके के कल्याणपुर निवासी अब्दुल सत्तार की पत्नी सैयदा बेगम, मुहल्ला निजामपुर निवासी परवेज अहमद,गोसीपुरा निवासी गयासुद्दीन खान उर्फ सानू और राप्तीनगर निवासी आशीष जायसवाल को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पांच आधार कार्ड, जिसमें सैयदा बेगम के दो आधार कार्ड,अलग-अलग पते से है। इसके अलावा पैन कार्ड एटीएम ,छह मोबाइल,सात हजार की नकदी आदि बरामद की गई।

उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को थाना साइबर और हाइटैक अपराध,साइबल सेल, मध्य प्रदेश में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था। विवेचना में गिरफ्तार किए गये आरोपियों के नाम प्रकाश में आये थे, जिनकी गिरफ्तारी के सम्बन्ध में एसटीएफ की गोरखपुर फील्ड इकाई को अभिसूचना संकलन एवं कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था, जिसके अनुपालन में पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण में निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, निरीक्षक, आलोक कुमार राय की टीम ने अभिसूचना संकलन की कार्रवाई प्रारम्भ की।

प्रवक्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश की इंदौर साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम ने एसटीएफ फील्ड इकाई,गोरखपुर से विकसित सूचनाओं का आदान प्रदान किया गया। पूर्व में मुखबिर ने बताया कि सैयदा बेगम, जिसके नाम का खाता है, जो स्टेट बैक के सामने राजघाट इलाके में अमरूद मण्डी चौराहा गोरखपुर के पास खड़ी है,जिसे महिला थाना पुलिस ने सबसे पहले गिरफ्तार किया। उसके बाद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर सैयदा बेगम ने बताया कि उसके साथी परवेज अहमद,गयासुद्दीन खान उर्फ सानू, आशीष जायसवाल के गिरोह के सदस्य है तथा इन लोगों का मुखिया गयासुद्दीन खान उर्फ सानू एवं आशीष जायसवाल है। उसके बाद उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी की गयी।

उन्होंने बताया कि गिरोह की सदस्य सैयदा बेगम के आधार कार्ड में बार-बार पता बदलकर विभिन्न बैकों में खाता खुलवाते हैं तथा खाता खुलवाने के बाद खाते का एटीएम, पासबुक, चेकबुक परवेज अहमद,गयासुद्दीन खान उर्फ सानू, आशीष जायसवाल अपने पास रख लेते हैं। जब खाते में फ्राड का पैसा आता है तो गयासुददीन द्वारा एटीएम से पैसा निकाला जाता है तथा आशीष द्वारा अलग-अलग खातों में ऑनलाइन पैसा ट्रान्सफर किया जाता है। अगर किसी बैंक खाते में पैसों का ट्रान्जेकशन करने में कोई समस्या आती है तो सैयदा बेगम व परवेज पति-पत्नी बनकर बैंक में जाकर पता करते हैं और चेकबुक या पासबुक से पैसा निकाल लेते थे। निकाले गये पैसों का पहले से तय प्रतिशत के हिसाब से बंटवारा कर लेते हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि इंदौर में दर्ज मुकदमें के सम्बन्ध में पूछने पर बताया कि आशीष के साथी अकरम और प्रतीक, जो दिल्ली में रहते हैं और इन्दौर आते जाते रहते हैं, इन्ही लोगों ने ई-मेल आईडी की फिशिंग करके फर्जी मेलकर पैसा मंगावाया गया था। अकरम के बताने पर कि पैसा आ गया है, निकाल लो, इस पर गयासुद्दीन द्वारा दो बार एटीएम0 से 80 हजार रूपये व आशीष द्वारा दो लाख रूपये का आईएमपीएस मनोज नाम के व्यक्ति के खाते में किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रान्जिट रिमाण्ड एंव अग्रेतर कार्रवाई के लिए इंदौर साइबर सेल के निरीक्ष द्वारा की जा रही है।