breaking news New

राजभवन में गुरू घासीदास और वीरनारायण सिंह के तैल चित्र का अनावरण

राजभवन में गुरू घासीदास और वीरनारायण सिंह के तैल चित्र का अनावरण

रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने संत गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर राजभवन के दरबार हॉल में संत बाबा गुरू घासीदास और शहीद वीरनारायण सिंह के तैल चित्र का अनावरण किया।

सुश्री उइके ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की भूमि रही है, उनमें से प्रमुख संत बाबा गुरूघासीदास जी थे।उन्होंने सात दिव्य संदेश दिए, जिसमें एक प्रमुख संदेश था कि सतनाम को मानों सत्य ही ईश्वर है, ईश्वर ही सत्य है। बाबा घासीदास जी ने सभी जीवों को एक समान बताया और सादा जीवन उच्च विचार रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने जातिप्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों पर कुठाराघात किया।

उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करते हुए कहा कि उनका जन्म बलौदाबाजार के सोनाखान के एक बिंझवार आदिवासी परिवार में हुआ।उन्होंने एक भीषण सूखा पड़ने पर एक व्यापारी से गरीब जनता से अनाज देने का निवेदन किया, पर उनके न मानने पर उनके गोदाम से अनाज को निकलवा कर गरीब जनता को बटवा दिया।

उनके इस कार्य को अंग्रेजों ने अपराध माना और उसे जेल में बंद कर दिया। बाद में वे जेल से भाग निकले और स्वयं की सेना बनाकर अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह किया। कुछ समय पश्चात उनकी सेना युद्ध हार गई और उन पर मुकदमा चलाया गया और शहीद वीर नारायण सिंह को फांसी की सजा दी गई।