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समझौते के तहत चीनी सेना वापसी को तैयार, दोनों देशों की सेनाओं में बनी सहमति

 समझौते के तहत चीनी सेना वापसी को तैयार, दोनों देशों की सेनाओं में बनी सहमति

नई दिल्ली।  भारत-चीन सीमा में  दोनों देशों की सेनाओं में पूर्वी लद्दाख सेक्टर के कुछ हिस्सों से हटने पर सहमति बन गई है. समझौते के तहत चीनी सेना वापस उसी इलाके में जाने के लिए तैयार हो गई है, जहां पर वह अप्रैल महीने में थी. बता दें कि चीन ने भी बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती की. जवाब में भारत ने भी 60,000 सैनिकों की तैनाती की. भारतीय वायु सेना ने मोर्चा संभाला. 

6 नवंबर को चुशूल में हुई 8वीं वाहिनी कमांडर-स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच इस योजना पर चर्चा की गई. वार्ता के दौरान आए चीन के प्रस्ताव पर भारत विचार कर रहा है. सब कुछ ठीक रहा तो तीन चरणों में सेना की वापसी होगी.  दूसरे चरण में फिंगर एरिया से तीन दिन में सैनिक हटेंगे और अंत में एलएसी (LAC) से सैनिक पीछे हट जाएंगे.

लड़ाकू जेट तैनात किए ताकि इलाके में दुश्मन का कोई भी विमान घुसने न दिया जाए.भारत इस मामले में पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रह है क्योंकि इसी साल जून में हुए गलवान घाटी  संघर्ष के बाद चीन पर विश्वास करना आसान नहीं है. इस संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की विश्वसनीय टीम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार  अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ  जनरल बिपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवाने और एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया ने मामले में कड़े कदम उठाए. LAC पर पैंगोंग झील के दक्षिणी और उत्तरी किनारे पर सैन्य ताकत बढ़ाई.