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सैनिकों के सम्मान से आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी देशभक्ति के लिए प्रेरणा: गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू

सैनिकों के सम्मान से आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी देशभक्ति के लिए प्रेरणा: गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू

रायपुर। भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में शामिल भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने तथा नागरिकों में गर्व की भावना जागृत करने के उद्देश्य से स्वर्णिम विजय मशाल यात्रा निकाली गई है। इसी तारतम्य में सैनिकों की स्वर्णिम विजय मशाल यात्रा के छत्तीसगढ़ पहुंचने पर राजधानी स्थित साइंस कॉलेज ऑडोटोरियम में उनका सम्मान किया गया। इस युद्ध में छत्तीसगढ़ के भी 100 से अधिक सैनिकों ने हिस्सा लिया था।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू शामिल हुए। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सम्मान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पाक युद्ध 1971 में भाग लेने वाले सैनिकों के सम्मान के लिए स्वर्णिम विजय मशाल यात्रा का छत्तीसगढ़ पहुंचना गौरव की बात है। इससे आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। साथ ही देश की रक्षा के लिए तत्पर सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना बढ़ेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर भारत-पाक युद्ध 1971 में पाकिस्तान पर पूर्ण विजय  होने की 50वीं वर्षगांठ को स्वर्णिम विजय यात्रा के रूप में मना रहे हैं। इस परिप्रेक्ष्य में सैनिकों द्वारा पूरे देश मे मशाल यात्रा निकाली जा रही है, 1971 के इस युद्ध मे भाग लेने वाले सैनिकों और शहीद हो चुके सैनिकों के परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं आने वाली पीढ़ियों में सैनिको के प्रति सम्मान तथा देश भक्ति की भावना को जागृत करना है।