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रायगढ़ जिले को रेशम एक्सपोर्ट हब के रूप में मिलेगा बढ़ावा, कलेक्टर सिंह ने ली समीक्षा बैठक

रायगढ़ जिले को रेशम एक्सपोर्ट हब के रूप में मिलेगा बढ़ावा, कलेक्टर सिंह ने ली समीक्षा बैठक

रायगढ़ । जिले को रेशम एक्सपोर्ट हब के रूप में तैयार करने के लिये व्यापक स्तर प्लांटेशन किया जा रहा है। जिले में रेशम धागा निर्माण के साथ इससे स्थानीय स्तर पर ही कपड़ों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। जिससे कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद तक सब कुछ जिले में ही तैयार हो। इससे रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होगी। उक्त बातें कलेक्टर  सिंह ने आजीविका संवर्धन से जुड़े विभागों व योजनाओं की समीक्षा बैठक में कही। इसके लिए तमाम जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश रेशम तथा हथकरघा विभाग के अधिकारियों को दिए। महिला समूहों को भी इससे जोडऩे के लिए कहा। उन्होंने टसर रेशम के साथ ही मलबरी रेशम के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये कहा। इसके लिए रेशम कीट पालकों को तमिलनाडु में प्रशिक्षण के लिए भी भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर  सिंह ने मार्केट के डिमांड को समझकर उसके अनुसार गुणवत्ता पूर्ण उत्पाद तैयार करने के लिए कहा।

गौठानों में मल्टी एक्टिविटी सेंटर विकसित किया जा रहा है। शुरुआती चरण में प्रत्येक विकासखंड में दो-दो गौठानों का चयन किया गया है। कलेक्टर  सिंह ने प्रत्येक गौठान में की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी ली। प्रभारियों ने बताया कि चिन्हांकित गतिविधियों में से कुछ प्रारम्भ कर दी गयी हैं। शेष भी जल्द प्रारम्भ होने जा रही है। कलेक्टर  सिंह ने गौठानों में तैयार वर्मी कम्पोस्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने पड़ोसी राज्यों में खरीददारों से समन्वय करने के निर्देश दिए। इस दिशा में कार्यरत प्रभारी ने बताया कि बालीगुड़ा ओडि़सा से 10 टन कम्पोस्ट की डिमांड आयी है। कलेक्टर  सिंह ने सप्लाई के लिए कम्पोस्ट व ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था करने के निर्देश कृषि अधिकारी को दिए।

जिले में लगने जा रही टेक्सटाइल यूनिट

जिले में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये कलेक्टर  भीम सिंह की पहल पर सीएसआर मद से एक टेक्सटाइल यूनिट स्थापित की जा रही है। जिसमें जिले में संचालित उद्योगों के स्टाफ  के लिये महिला समूहों द्वारा यूनिफार्म सिलाई का काम किया जायेगा। कलेक्टर  सिंह ने जिले में टेक्सटाइल यूनिट निर्माण का काम जल्द पूरा करने के लिए कहा। इस बीच जिन उद्योगों से सिलाई के आर्डर मिले हैं, उनके लिए ड्रेस मटेरियल निर्माण का काम प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य उद्योगों से भी आर्डर लेने के लिए कहा।

तमनार में तैयार होगा गिलोय, हर्रा, बेहड़ा का चूर्ण और दर्द निवारक आयुर्वेदिक तेल

कलेक्टर  सिंह ने वनोपज आधारित गतिविधियों के संचालन की समीक्षा की। डीएफओ रायगढ़  मिश्रा ने बताया कि तमनार में हर्बल उत्पाद केन्द्र तैयार किया गया है। जहां हर्रा व बेहड़ा का चूर्ण तैयार किया जा रहा है। गिलोय का चूर्ण बनाना भी जल्द शुरू होने वाला है। इसके अतिरिक्त अष्टांग दर्द निवारक आयुर्वेदिक तेल जिसका उत्पादन पूर्व में किया जा रहा था, जिसे कुछ कारणों से बंद कर दिया गया था। इसका पुन: उत्पादन शुरू करने की भी योजना है। इसके अलावा काजू का प्रोसेसिंग प्लांट व संवई घास के उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। डीएफओ धरमजयगढ़  मनिवासगगन एस ने बताया कि संवई घास से निर्मित उत्पादों को बढिय़ा रिस्पांस मिल रहा है। इसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विक्रय के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया गया है। शेष फॉर्मेलिटीज भी पूरी की जा रही है जल्द ही ये उत्पाद ई-कॉमर्स साइट्स पर भी उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही अन्य लघु वनोपज के उत्पादन व विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। औषधीय पौधों के प्लांटेशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर  सिंह ने जिले में निर्मित वन धन केन्द्रों में बिजली, पानी व शौचालय की व्यवस्था अगले 10 दिनों में पूर्ण कर सभी केन्द्रों का संचालन शुरू करने के लिए कहा।

काम मांगो अभियान

मनरेगा अंतर्गत जिले में काम मांगो अभियान की शुरुआत की जा रही है। कलेक्टर  सिंह ने सभी जनपद सीईओ को अपने विकासखंड में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी गांवों मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को उनके गांव में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी देने के लिए कहा। जिससे जॉब कार्डधारी ग्रामवासी उन कार्यों में काम कर सकें।

कलेक्टर  सिंह ने उद्योग विभाग के अधिकारी तथा लीड बैंक मैनेजर को निर्देशित किया कि गौठानों में संचालित होने वाली गतिविधियों के लिए सब्सिडी दिलवाने के साथ लोन प्रकरण भी जल्द स्वीकृत कराएं। जिससे समूह अपना कार्य प्रारंभ कर सके। जिले में अंडे की खपत के अनुसार उत्पादन वर्तमान में कम है इसे बढ़ाने के दिशा में कार्य करने के निर्देश पशुपालन विभाग को दिए। मुर्गीपालन के लिए हितग्राहियों की संख्या बढ़ाने व महिला समूहों को जोडऩे के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आंगनबाडिय़ों में अंडे की पूर्ति भी इन्हीं हितग्राहियों व समूहों से की जानी है। मत्स्य पालन के लिए पंचायतों में लीज पर तालाब आबंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर  सिंह ने जिले में रागी के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए की गयी तैयारियों की समीक्षा की। कृषि अधिकारी ने बताया कि नर्सरी तैयार कर ली गयी है। उन्होंने रबी फसल में रागी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। जवाफूल चावल उत्पादन को बढ़ाने के लिए वर्तमान उत्पादकों के साथ नए किसानों को भी जोड़ते हुए रकबा वृद्धि के निर्देश दिए।

सामुदायिक बाड़ी विकास का कार्य जल्द पूरा करने के लिए कहा। बाडिय़ों को आंगनबाड़ी से लिंकेज का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा। महिला समूहों को आबंटित पड़ती भूमि पर भी कृषि कार्य प्रारम्भ करवाने के लिए कहा। मुनगा प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना का कार्य जारी है। उसके लिए विभाग के साथ किसानों के द्वारा का किये जाने वाले प्लांटेशन का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। ताकि प्लांट शुरू होने पर प्रोसेसिंग के लिए रॉ-मटेरियल उपलब्ध हो !

इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सु ऋचा प्रकाश चौधरी, डीएफओ रायगढ़  प्रणय मिश्रा, डीएफओ धरमजयगढ़  मनिवासगन एस सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी- कर्मचारी व समस्त जनपद सीईओ उपस्थित रहे।