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सियासत के लिये खतरनाक साजिशें करना कांग्रेस की फितरत- शशि पवार

सियासत के लिये खतरनाक साजिशें करना कांग्रेस की फितरत- शशि पवार


धमतरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में हुई गंभीर लापरवाही अथवा षड्यंत्र से आक्रोशित भाजपाइयों ने शुक्रवार शाम हाथों में मशाल लिये पंजाब सरकार और कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ठाकुर शशि पवार ने कहा कि 5 जनवरी को एक चुनावी सभा को संबोधित करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पंजाब पहुँचे थे। मौसम खराब होने की वजह से बठिंडा से फिरोजपुर सड़क मार्ग से जाने का निर्णय लिया गया। सड़क मार्ग से रवाना होने के पूर्व एसपीजी के प्रोटोकॉल का पूर्णतः अनुपालन भी किया गया।

पंजाब पुलिस के डीजीपी के क्लीयरेंस के बाद प्रधानमंत्री जी का काफिला रवाना हुआ। 90 किमी से अधिक की दूरी तय करने के बाद हुसैनीवाला के समीप एक ओवरब्रिज के ऊपर अचानक काफिले को रोकना पड़ा क्योकि ब्रिज के दूसरी तरफ कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ते पर बसें और अन्य वाहन खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध किया हुआ था। देखते ही देखते ओवरब्रिज के दोनो तरफ सुरक्षा के इंतज़ाम धराशायी होते दिखे।

लगभग 20 मिनट तक प्रधानमंत्री की गाड़ी ओवरब्रिज पर फंसी रही। जहां प्रधानमंत्री का काफिला फंसा था वह स्थान सीमावर्ती स्थान है तथा पाकिस्तान की फायरिंग रेंज के अंदर आता है। इस प्रकार से प्रधानमंत्री जिनको देश में सर्वोच्च सुरक्षा प्रदान की जाती है उनकी सुरक्षा में चूक नही बल्कि गंभीर लापरवाही या षड्यंत्र स्पष्ट नजर आया।

इस घटना के बाद से न सिर्फ देश की जनता अपितु पूरा विश्व हतप्रभ है। श्री पवार ने कहा कि सियासत के लिये खतरनाक साजिशें करना कांग्रेस की फितरत रही है। पूर्व विधायक इंदर चोपड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तरह ही पंजाब की वर्तमान चन्नी सरकार भी रिमोट कंट्रोल की सरकार है और पंजाब में जो कुछ भी हुआ!


उसके पीछे उच्च स्तरीय साजिश से इंकार नही किया जा सकता। जिला महामंत्री कविन्द्र जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी दल के नही बल्कि 135 करोड़ देशवासियों के हैं और उनकी सुरक्षा राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है जिसमे चूक करके पंजाब सरकार ने लोकतंत्र से भद्दा मजाक किया है।

इसके लिये मुख्यमंत्री चन्नी को इस्तीफा देना चाहिये। जिला उपाध्यक्ष अरविंदर मुंडी ने इस घटना को लोकतंत्र पर काला धब्बा बताया। जिला कोषाध्यक्ष चेतन हिंदुजा ने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले को रोकने वालों को हटाने की बजाये पंजाब पुलिस उनके साथ चाय पीती नजर आयी ये दुर्भाग्यजनक है।

मंडल अध्यक्ष विजय साहू ने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणी के लिये माफी मांगने को कहा। भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय मोटवानी ने पंजाब सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बीथिका विश्वास ने इस घटना को देश की अस्मिता के साथ खिलवाड़ बताया। मंडल महामंत्री निलेश लुनिया, अखिलेश सोनकर ने प्रधानमंत्री के अपमान और उनकी सुरक्षा को लेकर की गई लापरवाही पर आक्रोश जताते हुये कहा कि इसके लिये कांग्रेस पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिये।

अर्चना चौबे, भुपेश शाह, प्रकाश शर्मा, धनीराम सोनकर,  शिवनारायण छांटा, चित्ररेखा निर्मलकर, डीपेंद्र साहू, विनोद रणसिंह, गंगा प्रसाद सिन्हा, नीरज जगताप, संगीता जगताप, कपिल चौहान, फिरोज हिरवानी, यादवेंद्र दीवान, अज्जू देशलहरे, श्यामलाल नेताम, गणेश विश्वकर्मा, सीमा चौबे, अमित अग्रवाल, गोविंद ढिल्लो, पवन गजपाल, पिंटू डागा, देवेश अग्रवाल, सूरज शर्मा, मनीष आसवानी, विनय जैन, प्रिंस जैन ,दीपक गजेंद्र,अविनाश दुबे,गौतम ध्रुव,शिव नेताम,दिनेश पटवा,असरफ खान,शिवम साहू डोमन हिरवानी, शिवा साहू, राहुल चोपड़ा, घनश्याम शर्मा मुकेश शर्मा, हेमंत बंजारे गोपाल साहू, बसंत गजेन्द्र सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सहभागी रहे।