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बसंत पंचमी के रूप में 16 फरवरी को मनाया जाएगा मां सरस्वती का उत्सव

बसंत पंचमी के रूप में 16 फरवरी को मनाया जाएगा मां सरस्वती का उत्सव

रायपुर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के अवसर पर मां वीणावादिनी मां सरस्वती का  उत्सव बसंत पंचमी के रूप में 16 फरवरी को मनाया जाएगा। ज्ञातव्य है कि विद्या की देवी सरस्वती श्रद्धालुओं द्वारा विधिविधान से पूजन करने पर बुद्धि का विकास करती हैं। वहीं सरस्वती पूजा के दिन से ही बच्चों के शिक्षण-दीक्षण का कार्य स्लेट पट्टी में चाक पेंसिल से मां शब्द लिखवाकर माताओं द्वारा प्रारंभ किया जाता है। 

कोरोना काल के उपरांत सोमवार 15 फरवरी से स्कूल कॉलेज खुल रहे हैं। मंगलवार को परम्परा अनुसार सरस्वती पूजन स्कूल कॉलेज में मनाये जाने की संभावना है। सरस्वती पूजा के दिन ही छत्तीसगढ़ देवांगन समाज द्वारा धूमधाम से मां परमेश्वरी का  विधिविधान से पूजन कर महोत्सव मनाये जाने की परंपरा रही है।

 जो इस वर्ष भी जारी रहेगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन स्थलों पर अंडे का वृक्ष विधिवत होलिका दहन में पूर्व में रोपे जाने की परंपरा का पालन इस वर्ष भी होगा। कालीबाड़ी संगीत समिति एवं विभिन्न संगीत सभाओं द्वारा बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती का पूजन कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।